अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
दूषित पानी पीने से गांव चौधरीवास के पास ईंट के भट्ठे पर काम करने वाले करीब 30 मजदूर व बच्चों की हालत खराब हो गई। सभी को उपचार के लिए शहर के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बीमार लोगों ने बताया कि उन्होंने रात को खाना खाने के बाद भट्ठे पर आने वाला टैंकर का पानी पीया था। सुबह उठे तो सबकी हालात खराब हो गई। किसी को उल्टियां व किसी को दस्त लग गए।
उपचाराधीन मजदूरों ने बताया कि भट्ठे पर कई परिवार रहते हैं। सभी ने अपना अपना अलग चूल्हे पर खाना बनाया था। सभी ने खाने में व पीने के लिए मौके पर खड़े टैंकर से पानी लिया। यह टैंकर पिछले दो दिन से भरा हुआ था। खाली होने के बाद ही इसे दोबारा भरा जाता है। रात को हालांकि दो छोटे बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सुबह और लोगों ने भी खुद को बीमार बताया। सभी फिर एक वाहन में बैठकर नागरिक अस्पताल में पहुंचे।
चिकित्सक बोले, आरंभिक जांच में पानी पीने से हुए बीमार
मौके पर इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा कि आरंभिक जांच में गंदा पानी पीने से इस तरह की समस्या मजदूरों को आई है। फिलहाल उनका इलाज शुरू किया गया है। बीमार लोगों में बड़े, बच्चे व महिलाएं हैं।
ये हुए बीमार
भट्ठे पर काम करने वालों में बीमार लोगों में मीनाक्षी, सुरेश, विकास, राम मुखी, शिल्पी, शोभित, मोहित, मीना, अशोक, गोविन्द, कान्ता देवी, माया देवी, संजू, मुन्नी, मदनलाल, अनारकली, रोशनी, अनिल कुमार, अंजली, राधा, रामगोपाल, नीलम, आरती, नैना, बॉबी, मनीष, अनिल, रागिनी, अरुनेश शामिल हैं।
दूषित पेयजल या खराब खाना खाने के लक्षण लग रहे हैं। हालांकि असल कारण तो सैंपल जांच में ही पता चल पाएगा। -डॉ. प्रेम अहलावत, नागरिक अस्पताल