अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नहर विभाग की शनिवार को टूटी हुई नहर को बांधने में कामयाबी मिली। सुबह सात बजे टूटे हुए हिस्से पर एक्सईएन रमेश कुमार और दो एसडीओ की देखरेख में कार्य शुरू कर टूटी हुई नहर की पटरी को बांधा गया। नहर में मंगलवार से पानी फिर से छोड़ा जाएगा।
खरकड़ी गांव के पास वीरवार को सुलखनी की तरफ नहर टूटने से हुई 100 फीट की दरार होने से किसानों की सैकडों एकड़ फसल तबाह हो गई थी। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद दरार वाले हिस्से को बांधा गया। रविवार को नहर के टूटे हुए तल की मरम्मत की जाएगी। साथ ही सफाई का कार्य भी किया जाना है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को नहर का सारा काम पूरा होने की उम्मीद जताई है। मंगलवार सुबह नहर में पानी छोड़ा जाएगा। मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर हरफूल सिंह नैन ने कहा कि नहर टूटने में हमारा महकमा जिम्मेवार नहीं है। इसके लिए नहर किनारे पेड़ हैं, जिनसे बार-बार नहर टूट जाती है। टूटी हुई नहर की वर्तमान स्थिति को देखने के बाद कहा कि बर्बाद फसल का मुआवजा दिलाया जाएगा। जेई बड़े सख्त अधिकारी हैं, जो लोग नहर से सुंडिया लगाकर सिंचाई के लिए पानी की चोरी करते थे, उनको छोड़ते नहीं थे। इस कारण कुछ लोगों ने उनके साथ शरारत की। विभाग के एक्सईएन रमेश कुमार ने कहा कि मंगलवार को नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इस मौके पर एसई ओमप्रकाश भांभू, एसडीओ श्याम सुंदर बरवाला, एसडीओ अजीत सिंह सिहाग, खरकड़ी गांव के सरपंच प्रतिनिधि मंजीत सिंह बूरा, राजपाल नियाना, पप्पू बूरा, रमेश कुमार, मिर्जापुर, रामहेर बूरा ठेकेदार घिराय, देवानंद शर्मा आदि मौजूद थे।