हरियाणा विद्यालय बोर्ड की दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम रविवार को घोषित कर दिया गया। जिला में बेटियों ने फिर हरियाणा बोर्ड की परीक्षा में भी बाजी मार ली है। विद्यालय बोर्ड के डायरेक्टर जगबीर सिंह व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के हलके की एक ही स्कूल में पढ़ने वाली दो बेटियां स्नेहा और सीमा ने प्रदेश भर में टॉप टेन में तीसरा स्थान हासिल किया है।
नारनौंद कस्बे के टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाली दोनों छात्राओं ने 500 में से 491-491 अंक हासिल किए हैं। प्रतिशत के हिसाब से इन दोनों के 98.20 प्रतिशत अंक हैं। हरियाणा विद्यालय बोर्ड के डायरेक्टर जगबीर सिंह ने दोनों बेटियों को बधाई दी है।
ओवरऑल में रैंक गिरा, नतीजों में सुधार
इस बार हिसार अन्य जिलों की तुलना में ओवरआल नौवें स्थान पर रहा, जबकि पिछले वर्ष हिसार चौथे स्थान पर रहा था। हालांकि दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की अपेक्षा सुधरा है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार करीब 2 प्रतिशत अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
इस बार जिले का परीक्षा परिणाम 49.34 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले वर्ष कुल 47.43 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। हमारे जिले से भिवानी, गुड़गांव, झज्झर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत व पलवल के विद्यार्थियों ने ओवरऑल अच्छा प्रदर्शन किया है।
12262 विद्यार्थी हुए पास
दसवीं की परीक्षा में इस बार कुल 24853 विद्यार्थी बैठे थे। इनमें से 12262 विद्यार्थियों न परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस बार कुल 7255 विद्यार्थी परीक्षा में असफल रहे। परीक्षा में बैठने वाले 4955 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है।
इस बार भी नहीं छू पाएं 50 प्रतिशत के आंकड़े को
दसवीं कक्षा के पिछले तीन सालों के परीक्षा परिणाम पर नजर डालें तो वर्ष 2014 में दसवीं कक्षा का परिणाम 64.44 प्रतिशत रहा था। सरकार की नई नीतियों के बावजूद पिछले दो वर्षों से दसवीं के विद्यार्थी 50 प्रतिशत के आंकड़े को भी नहीं छू पा रहे हैं।
वर्ष 10वीं
2013 52.52
2014 64.44
2015 47.43
2016 49.34
नई योजनाएं ज्यादा प्रभावी नहीं
जिला शिक्षा विभाग ने इस बार हरियाणा विद्यालय बोर्ड की दसवीं व 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए बहुत सी नई योजनाएं स्कूलों में लागू की थी। हालांकि दसवीं के रिजल्ट के हिसाब से ये ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुई। हां 12वीं कक्षा का परिणाम तो काफी सुधरा है। लेकिन दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अभी और मेहनत करने की आवश्यकता है।
शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए स्कूलों में बायोमीट्रिक सिस्टम, मॉनिटरिंग सिस्टम, एसएमसी मीटिंग, अवेयरनेस प्रोग्राम, एक्सट्रा क्लासेज, मिड-डे मील, फिजिकल फिटनेस सहित बहुत सी योजनाएं स्कूलों में चलाई गई थी। बावजूद इसके 12 वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम की अपेक्षा दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम अपेक्षा से काफी कम आया है।