हिसार। जिले में नहरों, रजबाहों और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए 102 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खेतों के अंतिम छोर तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सकेगा। केंद्र सरकार से बजट मिलने के बाद कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन कार्यक्रम (काडा) प्राधिकरण ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।
केंद्र सरकार सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी के बेहतर प्रबंधन और जल संरक्षण की दिशा में काम कर रही है ताकि पानी की हर बूंद का सदुपयोग हो सके। विभाग की ओर से जिले के नलवा, नारनौंद और बरवाला क्षेत्रों की माइनरों पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। वर्ष 2025 में भारी बारिश और जलभराव के कारण जिले के 80 से अधिक गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। इसके चलते बरसाती नाले, नहरी खाल, माइनर, रजबाहे और ड्रेनेज काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गए। इन्हें दुरुस्त करने के लिए परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। अगले दो से तीन महीनों में इन परियोजनाओं के टेंडर जारी होने की संभावना है और कार्य 31 मार्च 2027 तक पूरे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
150 करोड़ के प्रोजेक्ट का इंतजार
जिले में बाढ़ का बड़ा कारण बनने वाली घग्गर ड्रेन के सुधार के लिए केंद्र सरकार ने 150 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। योजना के तहत ड्रेन में पाइप लगाकर नाले निकाले जाएंगे और इसके पानी का उपयोग खेती समेत अन्य कार्यों में किया जाएगा। ड्रेन का पानी बालसमंद जैसे सूखे क्षेत्रों तक पहुंचाने और इसकी क्षमता बढ़ाने की योजना है। हालांकि इस परियोजना के लिए अभी बजट जारी होने का इंतजार है।
इन क्षेत्रों में कार्य पूरे
नलवा क्षेत्र में सिवानी माइनर
नारनौंद में सिंघवा डिस्ट्रीब्यूटरी
जिले की मुख्य डिस्ट्रीब्यूटरी -ड्रेन
ड्रेन का नाम- लंबाई फीट में
उगालन ड्रेन–यू सिवानी फीडर — 30000
थुराना ड्रेन से हांसी ड्रेन — 30280
सुलचानी ड्रेन — 9000
सोरखी ड्रेन — 9650
सिसाय बोलान ड्रेन — 4500
सिंघवा ड्रेन — 2800
पुठी से मुंढाल लिंक ड्रेन — 49970
पेटवाड़ से थुराना लिंक ड्रेन — 16000
नारनौंद से मोठ ड्रेन — 19689
मोहला से भकलाना ड्रेन — 2600
लोहारी ड्रेन — 17400
जमावड़ी ड्रेन — 4200
खरकड़ा से भाटोल ड्रेन — 3800
हांसी मल्टीपल चैनल से बालसमंद ब्रांच — 81235
कबीर लिंक ड्रेन — 4900
मिर्जापुर ड्रेन — 7500
रायपुर लिंक ड्रेन — 6500
सातरोड मिरका ड्रेन — 37400
केंद्र सरकार की योजना के तहत जल संरक्षण पर काम किया जा रहा है। सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी की हर बूंद को बचाने के लिए नहरों, नालों, डिस्ट्रीब्यूटरी, रजबाहों और ड्रेनेज सिस्टम को सुधारा जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से बजट मिला है और विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
-महेंद्र पाल, डीसी, हिसार।
दिशा कमेटी की बैठक में इस विषय पर अधिकारियों से जानकारी ली थी। भविष्य में गांवों में बाढ़ जैसे हालात न बनें इसके लिए अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि काडा को करीब 102 करोड़ रुपये का बजट मिला है और जल्द ही इस पर काम शुरू कराया जाएगा। तीन महीने बाद प्रगति की समीक्षा करूंगा।
- जयप्रकाश, सांसद, हिसार।