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दिनभर सीजन के अधिक पारे ने झुलसाया, शाम को 7 मिनट की बारिश ने दी राहत

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हिसार। इस सीजन का मंगलवार सबसे गर्म दिन रहा। मंगलवार को पारा 43.5 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का रिकॉर्ड है। यह सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा भी रहा। दिनभर लू का अहसास कराने वाली गर्मी ने खूब झुलसाया, लेकिन शाम को 7 मिनट तक हुई बारिश ने मौसम सुहावना बना दिया और गर्मी से भी राहत दिलाई। पारे में भी हल्की गिरावट देखने को मिली। हालांकि मौसम विभाग ने पांच मई को प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
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मंगलवार को आम दिनों से ज्यादा गर्मी ने लोगों को दिनभर परेशान किया। दिनभर उमस ने भी परेशानी में डाले रखा। अधिकतम 43.5 डिग्री रहा तो न्यूनतम भी 23.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शाम को 7:26 बजे अचानक बारिश शुरू हो गई। इससे गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन अनाज मंडी में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। अनाज मंडी में खुले में पड़े गेहूं को बचाने के लिए किसान और मजदूरों में भगदड़ मच गई। हालांकि जब तक वे कोई इंतजाम कर पाते, तब तक बारिश रुक चुकी थी। इस सात मिनट की बारिश ने जहां दिनभर की गर्मी से राहत दिलाई, वहीं मौसम को भी सुहावना बनाया और तापमान में भी 1.3 डिग्री की हल्की गिरावट दर्ज की गई।
अभी बाकी है करीब 15 लाख क्विंटल गेहूं
मौसम विभाग के अनुसार पांच मई को प्रदेश में कुछ स्थानों पर बरसात की संभावना जताई जा रही है। कहीं तेज हवाएं-आंधी तो कहीं गरज के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में प्रदेश में गेहूं को नुकसान हो सकता है। हालांकि किसान तेजी से अपना गेहूं खेत से उठा रहे हैं और मंडियों में पहुंचा रहे हैं, लेकिन जिले में करीब 20 लाख क्विंटल गेहूं की आवक की संभावना है, जिसमें से पांच लाख क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंच चुका है, बाकी अभी खेतों में ही है। यदि बारिश या आंधी आती है तो किसानों को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार किसानों को अपने गेहूं का इंतजाम कर लेना चाहिए।
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85 प्रतिशत हो चुकी कटाई
विशेषज्ञों के अनुसार जिले में किसानों द्वारा गेहूं की कटाई का काम लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन कढ़ाई अभी 50 प्रतिशत तक बाकी है। कृषि विशेषज्ञों की किसानों को सलाह है कि उन्हें मौसम के मिजाज देखते हुए और मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी के अनुसार काम करना चाहिए ताकि फसल को अधिक नुकसान न हो। गेहूं व जौ की कटाई व कढ़ाई तथा नरमा कपास की बिजाई करते समय बदलते मौसम का ध्यान अवश्य रखें। तूड़ी को ढककर रखें। गेहूं को मंडी ले जाते समय तिरपाल आदि का प्रबंध साथ रखें।
एचएयू कृषि मौसम विभाग की सलाह
एचएयू के कृषि मौसम विज्ञान के अनुसार प्रदेश में मौसम पांच मई तक परिवर्तनशील रहेेगा। उत्तरी हरियाणा कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर व पंचकूला जिले में 30 अप्रैल देर रात के बाद व एक मई को हवाओं व गरज चमक के साथ कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। राज्य के दक्षिण व पश्चिम क्षेत्रों में ज्यादातर क्षेत्रों में 30 अप्रैल देर रात व एक मई को धूलभरी हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। दो और तीन मई को मौसम खुश्क व गर्म, लेकिन चार मई को राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल व धूलभरी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ कहीं कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है।

प्रदेश में 30 अप्रैल से पांच मई के बीच मौसम परिवर्तनशील व गर्म रहने की संभावना है। 30 अप्रैल देर रात व चार मई को आंशिक बादल छाने या धूलभरी हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की भी संभावना है।
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- डॉ. एमएल खीचड़, अध्यक्ष, कृषि मौसम विभाग, एचएयू, हिसार
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