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डीसी साहब के लिए सवा दो घंटे तक रोके रखी गई लघु सचिवालय की लिफ्ट

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हिसार। जिले के मालिक डीसी साहब का रुतबा बड़ा है। उनको दो मंजिल नीचे उतरने के लिए भी पैदल न चलना पड़ा। इसलिए पूरा कारवां रोका जा सकता है, यह तो सिर्फ लघु सचिवालय की लिफ्ट है। बेशक सरकारी कार्यालयों में आ रही जनता को भीषण गर्मी में परेशानी झेलनी पड़े। दरअसल, मंगलवार को ऐसा ही देखने को मिला। हिसार के उपायुक्त अशोक कुमार मीणा को लघु सचिवालय की तीसरी मंजिल पर बने वीडियो कांफ्रेंस रूम में जाना था। दोपहर करीब सवा 12 बजे डीसी प्रथम मंजिल पर स्थित अपने कार्यालय से तीसरी मंजिल पर बने कांफ्रेंस रूम में गए। इसके बाद डीसी साहब की वापसी का इंतजार करने के लिए एक लिफ्ट को रोक दिया गया। कर्मचारी लिफ्ट के पास ही कुर्सी डालकर बैठे रहे। जब तक साहब वीडियो कांफ्रेंस निपटाकर करीब दो घंटे बाद वापस नहीं आए, तब तक लिफ्ट में आम जनता नहीं चढ़ सकी। दोपहर सवा दो बजे के बाद यह लिफ्ट आम लोगों के लिए चलाई जा सकी।
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पहले लोगों ने सोचा खराब हो गई लिफ्ट
जैसे ही लोग ग्राउंड फ्लोर पर लिफ्ट के पास पहुंचे तो उन्हें एक लिफ्ट में तीन नंबर दिखता रहा। पहले तो लोगों ने सोचा कि लिफ्ट खराब हो गई है। मगर जब पैदल सीढ़ियों पर चढ़ते हुए वह तीसरी मंजिल पर पहुंचे तो उन्हें लिफ्ट खुली मिली और पास में कर्मचारी बैठा दिखाई दिया। जब कर्मचारी से उन्होंने लिफ्ट रुकी होने का कारण पूछा तो उसने बताया कि डीसी साहब वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए गए हैं, उनकी खातिर लिफ्ट को रोका हुआ है। यह सुनकर लोगों को बड़ी हैरानी हुई।
यो वीआईपी कल्चर कब जावैगा...
इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने कर्मचारी पर तंज भी कसा कि पहले तो अंग्रेजी की गुलामी करनी पड़ती थी। अब इन अधिकारियों की गुलामी करनी पड़ रही है। पता नहीं यो वीआईपी कल्चर कब जावैगा। डीसी तो दस घंटे भी कमरे से बाहर नहीं आएगा तो कै लोग पूरा दिन परेशानी झेलते रवांगे। इतना कहकर लोग चुपचाप वहां से चले गए, क्योंकि डीसी का मामला होने के कारण इससे ज्यादा वह कुछ कर भी नहीं सकते थे।
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चौथी मंजिल पर बने हैं कई विभागों के भवन
यूं तो लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर से चौथी मंजिल तक चक्कर लगाती है। मगर सबसे अधिक परेशानी गर्मी में चौथी मंजिल पर बने सरकारी विभागों में जाने वालों को होती है। चौथी मंजिल पर जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खाद्य एवं पूर्ति विभाग सहित कई विभागों के कार्यालय बने हुए हैं। एक लिफ्ट बंद होने के कारण ज्यादातर लोगों को सीढ़ियों से ही चार मंजिल चढ़ना पड़ा। इस संबंध में उपायुक्त अशोक कुमार मीणा का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर दो बार कॉल की गई। रिंग जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं की गई।
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