अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। रोडवेज प्रशासन ने बार-बार बसें रोकने के मामले सामने आने पर हिसार से खानपुर-सिंधड़ तक पांच गांवों के रूट पर बस सेवा बंद कर दी है। मंगलवार को सुलखनी गांव के बस स्टैंड पर दो बसों को छात्रों ने रोक लिया। इससे पहले घिराय गांव के छात्रों ने सोमवार को बसों को गांव में रोक लिया था। घिराय गांव के ही बच्चों ने दो दिन पहले सिटी बस को भी रोककर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि ओवरलोड बस और बढ़ती भीड़ के कारण बस में ठीक से चढ़ भी नहीं पाते। इस कारण हादसा होने का भय भी रहता है। प्रशासन और सरकार उनकी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। सुलखनी गांव में मंगलवार को रोडवेज की दो बसें रोकी गई। बसें रोकने के बाद चालक-परिचालकों द्वारा छात्र-छात्राओं से बसों को ले जाने देने की गुहार लगाई गई। करीब एक घंटे तक बसों को रोके रखा गया। मामले की सूचना रोडवेज प्रशासन को दी गई। इसके बाद रोडवेज प्रशासन सख्त हुआ और तुरंत इस रूट पर सभी बसों को बंद करने के आदेश जारी किए गए।
इन गांवों की बढ़ेगी परेशानी
हिसार से वाया धान्सू, सुलखनी, घिराय, खानपुर और सिंधड़ गांव तक पूरे रूट को बंद करने का फैसला लेने से इन गांवों के ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। रोडवेज अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक पूरा मामला सुलझ नहीं जाता तब तक इस रूट पर कोई भी बस नहीं चलेगी। छात्र हिसार से धिंगताना, बुगाना और सुलखनी रूट की सुबह की बंद बस को चलाने की मांग को लेकर जीएम से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्हें जीएम नहीं मिले तो छात्र-छात्राओं ने कहा कि बुधवार को बस नहीं चली तो वर्कशॉप के मेन गेट पर ताला लगा देंगे।
इस रूट पर बसों को बंद करने का फैसला हमने ले लिया है। बार-बार बसें रोकना गलत तरीका है। जिन्होंने बसें रोक कर सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाई, उनके खिलाफ पर्चा दर्ज करवाने की तैयारी कर ली है। बुधवार से रूट पर कोई भी बस नहीं चलेगी। जब तक पूरी तरह से ग्राम पंचायतें आगे आकर जिम्मेवारी नहीं लेंगी, तब तक रूट पर सभी बसें बंद रहेंगी।
-आरके श्योकंद, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज