अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जिला बार एसोसिएशन ने फाइव-डे वीक की मांग के चलते शनिवार को कोर्ट में वर्क सस्पेंड रखा। कोई भी वकील अदालत में पेश नहीं हुआ। जो तारीख अदालतों में लगी हुई थी, उसे प्रॉक्सी काउंसिल के माध्यम से संपन्न किया गया। इस प्रकिया में किसी भी पक्षकार को किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी नहीं हुई।
बार प्रधान ओम प्रकाश कोहली ने बताया कि 5 अगस्त के जनरल हाउस के प्रस्ताव के अनुसार बार के वकील इसी तरह हर शनिवार को अपना अदालत का कार्य तब तक स्थगित रखेंगे। जब तक उच्च न्यायालय की ओर से सभी शनिवार की छुट्टी घोषित करने की अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा और पंजाब की ज्यादातर बार एसोसिएशन लंबे समय से इसी मांग के चलते प्रत्येक शनिवार को अदालती कार्रवाई से अपने आप को दूर रखे हुए हैं। प्रॉक्सी काउंसिल के माध्यम से ही कार्य संपन्न होता है।
प्रधान कोहली ने बताया कि उक्त मांग समानता के आधार पर है। क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों में अपेक्षाकृत ज्यादा मामले लंबित होने के बावजूद भी पांच दिवसीय सप्ताह सालों से लागू है। उसी आधार पर जिला अदालतों में एकरूपता की मांग करते हैं।
अनुशासन और प्रबंधक कमेटी लेगी संज्ञान
प्रधान ने बताया कि उक्त प्रस्ताव की पालना के लिए अलग से बार सदस्यों की अनुशासन कमेटी व प्रबंधक कमेटी गठित की हुई है। जो समय पर इस बाबत यथा उचित संज्ञान लेगी।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर बार उपप्रधान ब्रिज मोहन जिंदल, नारायण दत्त वत्स, किशोर दहिया, मोहित अरोड़ा, सहसचिव गजेंदर सिंह, नवीन धमीजा, मीनू शर्मा, राजेश श्योकंद, नरेश, मीडिया प्रभारी कुलबीर जांगू, सोशल मीडिया प्रभारी सुशील शर्मा, रोहित धमीजा, खजांची अजय अग्रवाल, संजय सिंह, दलीप जाखड़, ओम नारायण कौशिक, शीतल शिल्ला, योगेश सिहाग, सुनीता श्योकंद, कमलेश शर्मा, अमन ढिल्लों, भूपेंदर सिंह, नवीन जैन, राम सिंह सोढ़ी आदि मौजूद थे।
- फाइव डे वीक को लेकर कोर्ट में वकीलों ने रखा वर्क सस्पेंड
- बोले- हर शनिवार को नहीं होंगे कोर्ट में पेश