अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
आर्मी की दो दिवसीय प्रदर्शनी शुक्रवार को समाप्त हो गई। अंतिम दिन सेना के उपकरणों के साथ सेना के घोड़ों और विशेष बग्गी का प्रदर्शन भी किया गया। बच्चों को शाही बग्गी के जरिये भ्रमण भी कराया गया।
सैन्य प्रदर्शनी दूसरे हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे पहुंचे। बच्चों न केवल सैन्य उपकरणों बोफोर्स तोप के अलावा राकेट लांचर, एंटी मिसाइल टैंक, कृत्रिम पुल और अन्य आधुनिक उपकरणों को देखा, बल्कि घोड़ा-बग्गी में घूमने का भी आनंद उठाया। घोड़ा फार्म की तरफ से विभिन्न नस्ल के घोड़े भी प्रदर्शनी के आकर्षण का केन्द्र रहे। दो दिनों की इस प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा लोगों ने बोफोर्स तोप में दिलचस्पी दिखाई। वीरवार से शुरू हुई सेना को जानो नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन 33 आर्म्ड डिविजन के जीओसी राजपाल पूनिया ने किया था। दो दिनों की प्रदर्शनी में शहर के विभिन्न स्कूलों से हजारों विद्यार्थियों ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सेना द्वारा प्रयोग किए जा रहे आधुनिक हथियारों, टैंकों, युद्ध के दौरान नदी-नाले आदि पार करने के लिए बनाए जाने वाले ब्रिज, आधुनिक दूरबीन, राकेट लॉंचर, राइफल, टी-90 टैंक, राडार आदि का प्रदर्शन किया। घोड़ा फार्म के ब्रिगेडियर संदीप सिंह कश्यप ने बताया कि शुक्रवार को घोड़ा फार्म की तरफ से उत्तम नस्ल के घोड़ों की प्रदर्शनी लगाई गई। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने घोड़ों की प्रजाति के बारे में जानकारी ली। घोड़ा बग्गी भी खास आकर्षण का केंद्र रही।
बच्चों ने खिंचवाए फोटो
सेना के टैंक के साथ बच्चों ने काफी फोटो खिंचवाए। इसके अलावा राकेट लांचर को छूकर देखा। युवाओं ने राकेट लांचर को कंधे पर उठाकर भी देखा। बोफोर्स तोप सबसे अधिक पसंद की गई। इसके बाद सेना का कृत्रिम पुल वाला टैंक पसंद किया गया।
फोटो 18, 31, 32, 33
प्रदर्शनी के अंतिम दिन सेना के घोड़ा बग्गी से कराया भ्रमण