बदमाशों ने तोशाम रोड स्थित चिराग फर्नीचर में मालिक पंकज उर्फ डिंपी नारंग को मोबाइल पर मैसेज भेजकर दस लाख रुपये की चौथ मांगी है। चौथ मांगने वाले ने मैसेज में अपना नाम बच्ची लाडवा बताया है। मैसेज भेजने के बाद मोबाइल पर कॉल भी की गई, लेकिन पंकज ने कॉल रिसीव नहीं की। पंजाबी समाज के लोगों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
चिराग फर्नीचर के नाम मॉडल टाउन निवासी राकेश नारंग की दो दुकानें हैं। राकेश नारंग की एक दुकान डाबडा चौक पर है। दूसरी दुकान तोशाम रोड पर सेक्टर 13 के कॉमर्शियल कांप्लेक्स के सामने है। डाबडा चौक स्थित चिराग फर्नीचर पर राकेश नारंग स्वयं बैठते हैं।
सेक्टर-13 के कॉमर्शियल कांप्लेक्स के सामने स्थित चिराग फर्नीचर की दुकान को पंकज नारंग और उसका बड़ा भाई चलाता है। पंकज नारंग ने पुलिस में दी अपनी शिकायत में बताया कि सुबह 5 बजकर 31 मिनट पर उसके फोन पर मैसेज आया। मैसेज में दस लाख रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद सवा छह बजे मैसेज भेजने वाले का फोन आया। जब उसका कोई जवाब नहीं मिला। उसके बाद 9 बजकर 46 मिनट पर एक बार फिर धमकी भरा मैसेज आया, जिसके बाद पंकज ने अपने घरवालों को सारे मामले के बारे में बताया। परिजनों ने अपने सभी परिचितों को इकट्ठा किया और पुलिस को मामले की सूचना दी।
व्यापारी को धमकी मिलने की सूचना मिलते ही हिसार जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौतम सरदाना सहित पंजाबी समुदाय के लोग व्यापारी की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सिविल लाइन थाना प्रभारी से इस मामले के मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
05:31 बजे का मैसेज : ओर भाई के हाल है। बोहत रुपये कमा लिए। जिंदा रहना है तो दस लाख रुपये दे दे। अगर नहीं देने तो फोन बंद कर दे और तैयार हो ले। अगर हां है तो फोन ऑन रखना। मैं कॉल करूंगा (बच्ची लाडवा )
09: 46 बजे का मैसेज : हां भाई के हाल है। सोचा कुछ या एमएमएस नहीं पढ़ा।
सिविल थाना प्रभारी देवेंद्र नैन ने बताया है कि जिस आईडी से मैसेज आया है, वह फर्जी पाई गई है। पुलिस की टीम मामले की जांच-पड़ताल में लगी है। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।