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हेरीटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम के दरवाजे आज से खुलेंगे

Fri, 06 Dec 2013 11:14 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
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देश के  पहले हेरीटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम के दरवाजे शनिवार से आम आदमी के लिए खोल दिए जाएंगे। अपने तरह के इस अनोखे संग्रहालय में न केवल ईसा पूर्व की परिवहन व्यवस्था से रूबरू होने का मौका मिलेगा बल्कि अपने देश में एक स्थान से दूसरे स्थान आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधन का भी दीदार किया जा सकता है। इसका उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेंगे।
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सांस्कृतिक मंत्रालय एवं प्रदेश सरकार के सामूहिक प्रयास से स्थापित यह संग्रहालय तीन साल की मशक्कत के बाद तैयार किया गया है। तीन एकड़ में फैले इस हेरिटेज म्यूजियम के सबसे निचले तल में चमचमाती हेरीटेज कारें खड़ी हैं।

यहां शेवरलेट की सौ साल पुरानी कार का भी अवलोकन किया जा सकता है। इसके बाद के तल में पटरी पर निहायत पुरानी ट्रेन की बॉगी खड़ी देखी जा सकती है। इसके इर्द-गिर्द प्राचीन बैलगाड़ियां, अंग्रेजों के जमाने के हाथरिक्शे, पुरानी साइकिलें, मोटरसाइकिलें, एयर क्राफ्ट, जहाज, नाव आदि के दर्शन किए जा सकते हैं।
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रेवाड़ी या दिल्ली के रेल म्यूजियम से यह बिल्कुल अलग है। इसके बाद के तल में प्राचीन काल में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के कल-पुर्जे की प्रदर्शनी लगी है। इसके अलावा चित्रों एवं साहित्यों के माध्यम से प्राचीन काल की परिवहन व्यवस्था के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं।

हेरिटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम के संस्थापक एवं मैनेजर ट्रस्टी तरुण ठुकराल कहते हैं कि उन्होंने म्यूजियम को लेकर 1994 से काम करना शुरू किया था। तभी से ट्रांसपोर्टेशन से संबंधित सामग्री इकट्ठी कर रहा था। इसका निर्माण कार्य 2010 में शुरू किया गया।

महंगा पड़ेगा म्यूजिमय घूमना
हेरीटेज ट्रांसपोर्ट म्यूजियम घूमना महंगा पड़ेगा। वयस्कों के लिए इसका प्रवेश शुल्क 300 और अवयस्कों के लिए 150 रुपये रखा गया है। गुड़गांव शहर से करीब 40 किलोमीटर और दिल्ली से 75 किलोमीटर दूर तावड़ू-बिलासपुर रोड पर स्थित होने के कारण यहां तक पहुंचना भी आसान नहीं है।
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म्यूजियम का ब्योरा
-तीन एकड़ में फैला है
-इसके निर्माण में 12 करोड़ रुपये की लागत आई है
-म्यूजियम का भवन पूरी तरह वातानुकूलित है.
-ट्रस्ट द्वारा बनाया गया देश का पहला म्यूजियम है
-इसमें रेलगाड़ी की बोगी, कारें, बैलगाड़ियां, घोड़ा गाड़ियां, मोटर वाहन, थ्री व्हीलर, मोटर साइकिलें, साइकिलें,
तांगे, नाव, एयर क्राफ्ट, पुराने समय के फोटो, दीवार घड़ियां आदि देखने को मिल जाएंगी
म्यूजियम में कान्फ्रेंस रूम, एक्जीबिशन गैलरी भी है
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