कोरोना संकट के दौरान महानगरों से नौकरी छोड़कर आए युवाओं को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय कृषि स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग करेगा। विवि युवाओं को कृषि आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रशिक्षण देगा और व्यवसाय शुरू करवाने तक तकनीकी व योजनागत सहयोग देगा।
सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये में से किस-किस योजना के तहत युवा स्वरोजगार स्थापित करने के लिए पैसा हासिल कर सकते हैं, यह भी बताया जाएगा। विवि के कुलपति प्रो. समर सिंह ने कहा कि युवाओं में अपना व्यवसाय शुरू करने की काबिलियत है लेकिन उन्हें रास्ता नहीं मिल रहा है। विवि उन्हें रास्ता दिखाएगा और व्यवसाय शुरू करवाने में भी पूरा सहयोग करेगा।
किसान मूंग से दाल बनाकर खुद बेचकर कमाएं अधिक लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, कृषि क्षेत्र में व्यवसायों की कमी है। बाहर नौकरी करने वाले युवा व्यवसाय के दृष्टिकोण के साथ खेती कर उत्पाद को अधिक दामों में बेच सकता है। जो मूंग किसान बाहर सीधा बेचता है, उस मूंग को दाल बनाकर पैकिंग बेचे तो बिचौलिये खत्म होंगे और किसान का मुनाफा बढ़ेगा। ऐसे ही हर कृषि उत्पाद से संबंधित फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जा सकता है।
विवि के कुलपति प्रो. समर सिंह ने बताया कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और महाराणा प्रताप बागवानी विवि दोनों ही संस्थान युवाओं को प्रशिक्षण देने की संख्या बढ़ा रहे हैं। इसमें मशरूम, मधुमक्खी पालन, सब्जी-फलों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग, बायो फर्टिलाइजर आदि प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम केवल प्रशिक्षण नहीं देंगे, बल्कि युवाओं का व्यवसाय शुरू करवाएंगे। उन्हें इसके लिए वित्त, मार्केटिंग, संसाधन आदि किस-किस चीज की जरूरत होगी और वो कैसे पूरी होंगी, इसके बारे में भी पूरी जानकारी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय आकर जानकारी लें युवा
जो युवा कृषि से संबंधित अपना कोई भी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे विवि जरूर आएं और इसके बारे में यहां के वैज्ञानिकों से और एबिक सेंटर में संपर्क करके पूरी जानकारी लें। वे जानें कि सरकार की कौन-कौन सी योजनाएं हैं और विवि में वे कौन सी ट्रेनिंग लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। विवि युवाओं को व्यवसाय शुरू करने में सहयोग करने को तैयार है। पिछले वर्ष एबिक सेंटर के माध्यम से ही करीब 40 लोगों ने अपना व्यवसाय शुरू किया था।
- प्रो. समर सिंह, कुलपति, एचएयू हिसार।