शुक्रवार को महेंद्रगढ़ क्षेत्र में 80 एमएम बारिश हुई। 7 गांव में 20 मिनट तक भारी ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गई। इसके अलावा हिसार, पानीपत, भिवानी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, चरखी दारी, यमुनानगर सहित बाकी जिलों में भी बारिश दर्ज की गई है। रेवाड़ी झज्जर, जींद, रोहतक में बारिश जारी है।
वहीं यमुनानगर जिले में गुरुवार रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार शाम चार बजे तक हुई। जिले में साढ़े सात एमएम से ज्यादा औसतन बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश जगाधरी खंड में 11 एमएम बारिश हुई। सरस्वतीनगर में सबसे कम तीन एमएम बारिश हुई। वहीं रात करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली।
बारिश से सबसे ज्यादा गेहूं की फसल को नुकसान हुआ, वहीं सब्जियों पर इसका प्रभाव पड़ा। कृषि विभाग के अनुसार पिछले सप्ताह और अब बारिश से करीब 1200 एकड़ की गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। जबकि करीब 300 एकड़ सब्जियों की फसल पर असर हुआ है।
आने वाले दो से तीन घंटे में यहां होगी बारिश
हरियाणा में आने वाले दो से तीन घंटे में सोनीपत, भिवानी, गुरुग्राम, रेवाड़ी, पानीपत सहित आसपास के जिलों में बारिश की आशंका है। वहीं झज्जर और जींद में ओलावृष्टि की भी आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के बरनाला, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, बठिंडा, मानसा, संगरूर, होशियारपुर सहित अन्य जिलों में आने वाले समय में बारिश होने के आसार हैं।
हरियाणा में हिसार और भिवानी जिलों को छोड़कर मार्च में अत्यधिक बारिश ने सभी जिलों में नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में भारत माैसम विज्ञान विभाग इस बात का आकलन कर रहा है कि क्या वास्तव में बारिश ने इस बार मार्च में रिकार्ड तोड़ा है। आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि इस बार मार्च में पिछले पांच वर्षाें से अधिक का रिकार्ड टूटा है। मार्च में हरियाणा में 125 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
हरियाणा में सक्रिय होकर पश्चिमी विक्षोभ ने की बारिश
बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ बना है। वहीं अब फिर से पाकिस्तान के रास्ते एक नया पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा में दाखिल हो चुका है, जिसके कारण गुरवार और शुक्रवार को कई स्थानों पर मौसम ने करवट ली है। शनिवार को भी बारिश की संभावना जताई है। वहीं तीन अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान-पाकिस्तान के रास्ते भारत में दाखिल होगा और हरियाणा में सक्रिय होकर बारिश कर सकता है। ऐसे में मौसम विज्ञान विभाग ने बारिश को लेकर मौजूदा समय के लिए ऑरेंज अलर्ट तो तीन अप्रैल के बाद यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही विभाग की मौसम के बदलावों पर नजर है।
40 किलामीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी
हरियाणा में गुरुवार को कुछ स्थानों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। अंबाला में सायं के समय मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी से वाहन चालकों को काफी दिक्कत हुई। इसके साथ ही बादल छाए रहे।
इन जिलों में बारिश की स्थिति
- 13 प्रतिशत भिवानी में सामान्य से कम बारिश हुई।
- 26 प्रतिशत हिसार में सामान्य से कम बारिश हुई।
हरियाणा में बारिश की स्थिति
- 33.5 मिलीमीटर बारिश हुई
- 14.9 मिलीमीटर सामान्य बारिश
- 125 प्रतिशत अधिक
इन जिलों में हुई सबसे अधिक बारिश (जिला- बारिश (प्रतिशत में)
- महेंद्रगढ़- 565
- गुरुग्राम- 428
- पलवल- 339
- चरखी दादरी- 310
- कुरुक्षेत्र- 310
- झज्जर- 297
- मेवात- 258
नोट- बारिश के आंकड़े एक मार्च से 30 मार्च तक के हैं।
तीन अप्रैल को एक ही पश्चिमी विक्षोभ कर सकता है बारिश
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डाॅ मदन खिचड़ ने बताया कि राज्य में मौसम आमतौर पर चार अप्रैल तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में 31 मार्च को बारिश आ सकती है। वहीं तीन अप्रैल को राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में बादलवाई रहने, उत्तर हरियाणा, पश्चिम हरियाणा, दक्षिणी क्षेत्रों में हवा व गरज-चमक के साथ कहीं- कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की भी संभावना है। इससे दिन के तापमान में गिरावट तथा रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभावित है। इसके बाद चार अप्रैल से राज्य में मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है।