अंबाला स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह स्क्रीनिंग राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, हृदयवाहिका रोग और आघात रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) कार्यक्रम के तहत की गई थी। इसमें पिछले एक साल में ही विभाग की ओर से 1 लाख 80 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी।
अंबाला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 30 से अधिक उम्र के लोगों की ग्रामीण क्षेत्रों में की गई स्क्रीनिंग के परिणाम बहुत ही चौकाने वाले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में की गई 5 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग में यही सामने आया है कि 14 फीसदी लोग मधुमेह की बीमारी से ग्रसित है। इसका सीधा कारण गलत खान-पान और रहन-सहन है।
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1 लाख 80 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह स्क्रीनिंग राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, हृदयवाहिका रोग और आघात रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) कार्यक्रम के तहत की गई थी। इसमें पिछले एक साल में ही विभाग की ओर से 1 लाख 80 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी। इसमें भी यहीं आंकड़े सामने आए है। सीएमओ कुलदीप सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम 2010 में शुरु किया गया था। इससे कि लोगों में गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सके और सही समय पर उसका उपचार मिल सके। उन्होंने बताया कि यह स्थिति मुख्य रूप से पंचकूला, यमुनानगर और अंबाला की है। वहीं पंजाब और हरियाणा का कुछ आंकड़ा भी कुछ इसी तरह का सामने आया है।
शहरी क्षेत्रों में चल रही स्क्रीनिंग
ग्रामीण क्षेत्र पूरे करने के बाद शहरी क्षेत्र में भी स्क्रीनिंग की जा रही है। विभाग के अनुसार हर एएनएम को विभाग ने शुगर जांच मशीन दी हुई है। इससे कि मधुमेह की जांच की जाती है। इसके अलावा विशेष रूप से शिविर भी लगाए जा रहे हैं। इसमें लोगों की तेजी के साथ जांच की जा रही है। वहीं जब सारा कार्य पूरा हो जाएगा तो इसके बाद शहरी क्षेत्रों की स्थिति को भी दर्शाया जाएगा। साथ ही लोगों को इस संबंध में जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। इससे कि लोग अपने जीवन में कुछ बदलाव कर सकें।