हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा के 2025 तक टीबी मुक्त करने के संकल्प को दोहराते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि टीबी के मरीजों को इलाज बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। हरियाणा सरकार हर प्रकार की मदद को तैयार है। इलाज से लेकर उनके पौषण तक की योजनाएं हैं। प्रदेश में वर्ष 2022 में 75,730 टीबी रोगियों की पहचान की गई थी, जिसमें 40,276 रोगी अभी भी उपचाराधीन हैं।
साल 2022 में 75,730 टीबी मरीजों की हुई पहचान, 40,276 उपचाराधीन
मुख्यमंत्री शनिवार को टीवी मरीजों के साथ संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सभी टीबी रोगियों को विश्वास दिलाया कि उनको पोषण व उपचार संबंधी कोई भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इस दिशा में हम विभिन्न संस्थाओं और समाजसेवकों की मदद भी ले रहे हैं। सितंबर, 2022 में लागू निक्षय योजना के टीबी के पांच रोगियों को गोद लिया है।
500 रुपये पोषण भत्ता भी दिया जा रहा
साथ ही प्रदेश में अब तक 8,000 टीबी रोगियों को पोषण किट्स वितरित की जा चुकी हैं। मनोहर लाल ने कहा कि विभिन्न कॉर्पोरेट कंपनियों ने 13 जिलों को टीबी मुक्त बनाने के लिए गोद लिया है। टीबी रोगी को इलाज के दौरान हर महीने 500 रुपये पोषण भत्ता भी दिया जा रहा है। अब तक पोषण भत्ते के रूप में लगभग 80 करोड़ रुपये सीधे टीबी रोगियों के बैंक खाते में दिए जा चुके हैं। इन्हें मिलाकर राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत टीबी रोगियों को अब तक 91 करोड़, 39 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
हरियाणा को टीबी मुक्त करने के प्रयास
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आशा वर्कर्स और अन्य कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देते हैं। अब तक उन्हें लगभग 8 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्राइवेट डॉक्टरों एवं अस्पतालों को भी लगभग 4 करोड़ रुपये दिए हैं। संवाद कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े मेदांता अस्पताल के डॉक्टर नरेश त्रेहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मेदांता अस्पताल सरकार के साथ जुड़कर हरियाणा को टीबी मुक्त करने के प्रयास में पूरी तरह सहयोग कर रहा है।