ड्रग माफिया और नशे के कारोबार का नेटवर्क तोड़ने के लिए हरियाणा पुलिस ने सालभर अभियान चलाया। इस अवधि में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 3636 मामले दर्ज कर करोड़ों रुपये कीमत का 24 टन मादक पदार्थ जब्त किए। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की 31.45 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच करवाई है। इसके अलावा, तस्करी के आरोपियों की 12.23 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया भी जारी है। तस्करों की प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चलाकर उनको तोड़ा भी गया।
साल 2021 में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 2583 केस दर्ज किए थे, इसलिए पुलिस ने 1053 अधिक केस दर्ज किए हैं। इस वर्ष नशा तस्करों के कब्जे से 271 किलो से अधिक अफीम, 196 किलो से अधिक चरस/सुल्फा, 10173 किलो से अधिक चूरा पोस्त, 6 किलो 701 ग्राम स्मैक, 13311 किलो से अधिक गांजा और 35 किलो 328 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। सिरसा में एनडीपीएस एक्ट के तहत सर्वाधिक 587 मामले दर्ज किए गए। इसी प्रकार फरीदाबाद में 349, करनाल में 273, फतेहाबाद में 240 और कुरुक्षेत्र में 220 मामले दर्ज किए गए।
एसटीएफ और ब्यूरो कर रहा काम
नशा रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) दोनों की टीमें फील्ड में काम कर रही हैं। टीमों के प्रयासों के साथ-साथ अंतरराज्यीय स्तर पर सूचना के आदान-प्रदान के कारण ही संभव हुआ है कि इस साल नशा कारोबारियों पर अधिक कार्रवाई की गई है।
नशे के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई : डीजीपी
नशा कारोबारियों के नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए पुलिस का साथ दे और नशे की बिक्री, खपत और उपयोग संबंधी जानकारी मोबाइल नंबर 7087089947, टोल-फ्री नंबर 1800-180-1314 और लैंडलाइन नंबर 01733-253023 पर साझा करें। नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों से सख्ती से निपटा जाएगी।