जिले में दो सप्ताह तक कमजोर रहने के बाद डेंगू का वायरस दोबारा से सक्रिय हो गया है। ऐसे में जहां लारवा मिलने का क्रम तेज हो गया है, वहीं मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बुधवार को भी डेंगू के तीन नए मामलों की पुष्टि हुई है।
जिले में अभी तक डेंगू के 230 मामले मिल चुके हैं। मलेरिया विभाग के आंकड़े देखें तो एक से दस अक्तूबर के बीच डेंगू के महज 12 मरीज मिले थे। बरसात के बाद अचानक डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ गई।
12 से 15 अक्तूबर के बीच जिले में डेंगू के 12 मामले सामने आए। पहले जहां औसतन एक मरीज मिल रहा था, वहीं अब तीन मरीज सामने आ रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीके थापर का कहना है कि जब तक तापमान 16 डिग्री से नीचे नहीं आएगा, तब तक डेंगू पर पूरी तरह से नियंत्रण मुश्किल है। बरसात में जगह-जगह जलभराव हुआ है, जिसकी वजह से लारवा मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।
यहां पर मिले मच्छर
ओम नगर, सुभाष नगर, सेक्टर सात, ज्योति पार्क, पटेल नगर, एमजी रोड पर कुल 353 घरों की जांच में 30 स्थानों पर मच्छर पनपते मिले। डूंडाहेड़ा, कार्टरपुरी, कासन और मानेसर में 269 घरों की जांच की गई। इसमें से 50 घरों के भीतर और 50 घरों के पास मच्छरों का लारवा पाया गया।
हेलीमंडी-सुखराली भी संवेदनशील
हेलीमंडी में 90 घरों के भीतर और 33 घरों के पास मच्छरों का लारवा मिला। मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप सुखराली में भी है। मलेरिया विभाग को यहां 22 घरों में मच्छर पनपते मिले हैं।