रैपिड मेट्रो की सभी ट्रेनों में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए छह सीटें आरक्षित कर दी गई हैं। प्रबंधन का यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। महिला यात्रियों ने प्रबंधन के इस फैसले का स्वागत किया है।
पांच दिन पहले (14 नवंबर) जब रैपिड मेट्रो सेवा शुरू हुई थी, तो इसमें महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं थी। महिलाओं ने पहले दिन से ही इस बात के लिए कमर कस ली थी कि वह मेट्रो प्रबंधन पर दबाव बनाएंगी।
यहां तक की रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव के सीईओ संजीव राय की पत्नी रतीना राय ने भी आरक्षण के मुद्दे पर महिलाओं की मांग का समर्थन किया था। रैपिड मेट्रो यात्री सुरभि, अनुकृति ठाकुर और जयंती नाहड़ ने बताया कि यह महिलाओं की जीत है।
मेट्रो सेवा के पहले दिन से ही महिलाओं की ओर से सीटों के आरक्षण विषय पर बड़ी संख्या में फीडबैक मिल रहा था। रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव की प्रवक्ता का कहना है कि इन फीडबैक से जब प्रबंधन को अवगत कराया गया, तो सीटों के आरक्षण का निर्णय लिया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि रैपिड मेट्रो की पांचों ट्रेनों में छह सीटें आरक्षित होंगी। हालांकि अभी रैपिड मेट्रो की सिर्फ चार ट्रेनें ही यात्रियों को सेवा दे रही हैं।