श्री दुर्गा रामलीला कमेटी जैकमपुरा में धूमधाम से राम बारात निकली। दूल्हे के रूप में राम का व्यक्तित्व आकर्षक लग रहा था। जैसे ही बारात जनकपुर पहुंची, नगरवासी उमड़ आए। इस मौके पर विवाह गीत भी गाए गए।
बारात में श्रीराम के साथ लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न साथ-साथ चल रहे थे। रथों पर सवार चारों भाई को देखकर हर कोई पुलकित हो उठा। यह बारात सदर बाजार से होते हुए प्रजापति धर्मशाला पहुंची। वहां राजा जनक ने उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रीतिभोज का इंतजाम अमर नाथ सैनी की ओर से किया गया था। कन्यादान ओम प्रकाश गंभीर ने किया।
जिस समय फेरे हो रहे थे उस समय लोग उन पर फूलों की वर्षा कर रहे थे। जनकराज की भूमिका में तिलकराज ने शानदार अभिनय किया। राम के रूप में केशव जालींद्र ने सभी का दिल जीता।
विवाह के बाद सीता संग श्रीराम अयोध्या लौटे। इस दौरान आनंद से अभिभूत दशरथ ने श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा की। इसे मंथरा ने सुना और रानी कैकेयी को सारा वृत्तांत कह सुनाया। उधर, जहां राम और सीता केफेरे देख दर्शक आनंदित थे वहीं कुटिल मंथरा की चाल देख सभी को गुस्सा आ रहा था। खासकर महिला दर्शकों ने तो मंथरा को खूब खरी-खोटी सुनाई।