हुक्का बार संचालक को जांच में राहत पहुंचाने के नाम पर घूस लेने वाले चौकी प्रभारी और एएसआई को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। टीम ने उसके पास से 20 हजार रुपये बरामद किए हैं।
सेक्टर-14 में हुक्का बार चलाने वाले राहुल ने विजिलेंस को बताया कि करीब एक माह पहले उसके बार में पुलिस ने छापेमारी कर केस दर्ज किया था। इसके बाद हाईकोर्ट से उसे पुलिस जांच में शामिल होने का आदेश मिला था। इसके बाद पुलिस अपनी रिपोर्ट अदालत में देती तो उसे अग्रिम जमानत मिल जाती।
इस बारे में उसने सेक्टर-14 चौकी प्रभारी सतीश डागर से संपर्क किया था। इस पर चौकी प्रभारी ने 50 हजार रुपये लेकर पुलिस रिपोर्ट के माध्यम से राहत पहुंचाने की बात कही थी। शिकायतकर्ता राहुल ने बताया उसने सतीश डागर को 30 हजार रुपये दे भी दिए थे।
इसमें दस हजार रुपये जांच अधिकारी रोशन लाल एएसआई को दिए थे। चौकी प्रभारी सतीश डागर ने कुल 50 हजार में से बकाया 20 हजार रुपये मांगे। सोमवार को विजिलेंस की टीम के साथ राहुल सेक्टर-14 पहुंचा।
वहां पर चौकी प्रभारी से मिलने के बाद उसे अपनी कार में बैठकर सेक्टर-14 के मार्केट में गया। वहां पर राहुल ने एक रेस्टोरेंट में 20 हजार रुपये सतीश डागर को दिए। इसी दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार कुलवंत यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने उसे दबोच लिया।
पुलिस ने उसके बाद चौकी में बैठे जांच अधिकारी को भी गिरफ्तार किया। विजिलेंस ने राहुल के बयान पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।