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पॉलिटेक्निक की री-अपीयर पॉलिसी में बदलाव

Thu, 17 Oct 2013 07:17 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
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हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग ने पॉलिटेक्निक की री-अपीयर पॉलिसी में बदलाव कर दिया है। इसके अनुसार किसी भी सेमेस्टर में फेल अभ्यर्थी आगे की पढ़ाई जारी रख सकता है। अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा भी देने की उसे पूरी छूट होगी।
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पिछले महीने गुड़गांव के राजकीय पॉलिटेक्निक में तकरीबन 100 विद्यार्थियों को संस्थान ने तीसरे सेमेस्टर की नियमित कक्षाओं में बैठने से मना कर दिया था, क्योंकि इनकी प्रथम सेमेस्टर में री-अपीयर थी। इसे लेकर विद्यार्थियों ने संस्थान में हंगामा किया था। मौके पर पुलिस भी बुलानी पड़ी थी।

इसके बाद राजकीय पॉलिटेक्निक प्रशासन ने इस मुद्दे को तकनीकी शिक्षा विभाग के पास भेजा था। बृहस्पतिवार को हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग ने इन विद्यार्थियों को राहत दे दी है।
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राजकीय पॉलिटेक्निक मानेसर के प्रिंसिपल मुकेश चड्ढा ने बताया कि विभाग की ओर से आदेश आया है कि जिन विद्यार्थियों की प्रथम सेमेस्टर में री-अपीयर आई है, उन्हें तीसरे सेमेस्टर में नियमित कक्षाओं में बैठने दिया जाए, क्योंकि री-अपीयर पॉलिसी में बदलाव कर दिया गया है।

तीसरे सेमेस्टर में क्लियर करना जरूरी था
हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की री-अपीयर पॉलिसी में संशोधन के अनुसार किसी भी सेमेस्टर में फेल अभ्यर्थी अंतिम सेमेस्टर (छठे) तक की परीक्षा में बैठ सकता है, जबकि पहले नियम यह था कि पहले सेमेस्टर की री-अपीयर को तीसरे सेमेस्टर पर क्लियर करना होता था, तभी वह आगे की पढ़ाई जारी रख सकता है।

परीक्षा पास करने के लिए छह साल
पॉलिटेक्निक के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा देने के बाद भी फेल अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने के लिए छह वर्षों का समय मिलेगा। इस अवधि में वह री-अपीयर परीक्षा में बैठकर पास हो सकते हैं।
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