निगम एरिया क्षेत्र में तीन मंजिला भवन बनाने वालों को हर मंजिल के हिसाब से टैक्स देना होगा। अंडरग्राउंड की मंजिल के लिए भी अलग से कर चुकाना होगा। यह नियम कमर्शियल, इंडस्ट्रीयल, रेजीडेंशियल, इंस्टीट्यूशनल सभी पर समान लागू रहेगा।
प्रदेश सरकार की ओर से चार अक्तूबर को घोषित र्नई नीति के मुताबिक, निगम में 21 अक्तूबर से टैक्स जमा करना शुरू कर दिया जाएगा। इस बार मकान मालिकों को हर मंजिल के हिसाब से टैक्स देना होगा। अगर मकान मालिक ने 100 गज के प्लॉट पर तीन मंजिला मकान बनाया है तो उसे 300 गज का टैक्स अदा करना होगा। भवन में बेसमेंट भी है तो उसे अलग मंजिल मानते हुए 400 गज पर टैक्स का आंकलन किया जाएगा।
पहली मंजिल के लिए 50 प्रतिशत तथा दूसरी मंजिल के लिए 40 प्रतिशत की छूट रहेगी। यानी मकान मालिकों को 210 गज के लिए टैक्स देना होगा। बेसमेंट के लिए किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। किसी भवन में तीनों मंजिल अलग अलग लोग उपयोग कर रहे हैं तो हर मंजिल का पूरा टैक्स लिया जाएगा। ऐसे भवन में किसी तरह की छूट नहीं रहेगी। निगम की संयुक्त आयुक्त अंजू चौधरी ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स की अधिसूचना मिल चुकी है।
21 अक्तूबर से इसके हिसाब से टैक्स लिया जाएगा। भवन मालिक नई नीति के अनुसार टैक्स जमा करा सकते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार के आदेश पर स्थानीय निकाय की ओर से टैक्स वसूली एक जुलाई से बंद कर दी गई थी। करीब साढे़ तीन माह बाद सोमवार से दोबारा टैक्स जमा कराया जा सकेगा।