शहरी इलाके में मार करने के बाद अब डेंगू का प्रकोप ग्रामीण क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है। फिरोजपुर झिरका के घाटा गांव में मलेरिया और डेंगू के 12 मामलों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को प्रभावित इलाके का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया।
घाटा गांव के जुबेर ने बताया कि जमशेद पुत्र लल्लू, जैतूनी पत्नी जुबेर, मजीद, इस्माइल, साहून, जाहिद, इसलाम, मजीद पुत्र रहमतुल्ला में मलेरिया और डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। सभी मरीज अपना इलाज कराने के लिए राजस्थान के अलवर गए हैं। गांव में अन्य कई लोग भी मच्छर जनित बीमारियों की चपेट में हैं।
इसके अलावा, साजिद निवासी मंहू और नफीसा निवासी साकरस भी अलवर में अपना इलाज करा रहे हैं। पूर्व विधायक आजाद मोहम्मद का भतीजा सलीम भी डेंगू की चपेट में है। नईम पुत्र जाकिर, शाहीदा पुत्री ओसाफ डेंगू के संभावित मरीज है, जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
निजी अस्पतालों से मांगा ब्यौरा
मेवात के सीएमओ डॉ. बीके राजौरा का कहना है कि घाटा गांव में संभावित मरीजों के रक्त का नमूना लिया गया है। प्राइवेट अस्पतालों को भी निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू पीड़ित मरीजों की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई जाएगी।
लोगों में गुस्सा
फिरोजपुर झिरका के वार्ड नंबर आठ में डेंगू से बीरमती नामक महिला की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद यहां पर फॉगंग नहीं कराई गई है। वार्ड निवासी रोहताश, बिजेन्द्र, राजू आदि का कहना है कि जगह-जगह जलभराव से मच्छर पनप रहे हैं। बीरमती की मौत के बाद फॉगिंग कराने का आश्वासन दिया गया था, जो कि अभी तक पूरा नहीं हुआ है। लोगों में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ खासा रोष है।
मशीन ठीक नहीं
नगर पालिका सचिव बलराम मंगला का कहना है कि फॉगिंग मशीन खराब पड़ी है। हालांकि वार्ड आठ नगर पालिका के अधीन नहीं आता, लेकिन मशीन ठीक होने के बाद वहां फगिंग करा दी जाएगी।