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प्याज संकट सुलझाने में मदद देगा हरियाणा का ‘नासिक’

Thu, 24 Oct 2013 08:58 PM IST
मलिक असगर हाशमी/गुड़गांव
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दिल्ली-एनसीआर का प्याज संकट जल्द ही दूर होने की संभावना है। इसमें मदद देगा हरियाणा का ‘नासिक’। यहां से बृहस्पतिवार से दिल्ली और आसपास की मंडियों में हरे प्याज की आपूर्ति शुरू हो गई। एक पखवाड़े में लाल प्याज भी बाजार में आ जाएगा।
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प्याज की आसमानी कीमतों को लेकर सियासी गलियारे से रसोई तक में कोलाहल है। इसी बीच, हरियाणा का नासिक माने जाने वाले मेवात से अच्छी खबर आई है।

दिल्ली के करीब स्थित इस जिले के अरावली की तलहटी में बसे गांवों में प्याज का भरपूर उत्पादन होता है। इस दफा मौसम अनुकूल होने से उम्मीद से कहीं अधिक प्याज पैदा हुआ है। केवल फिरोजपुर झिरका अनुमंडल में करीब 7000 हेक्टेयर में प्याज की फसल हुई है।

मेवात के गांव नांगल, हसनपुर, अगौन, इब्राहिमबास, पाटखोरी, मोहम्मदबास, भोंड, धोंड, पाटन उदयपुरी, दोहा, शाहपुरी, मुंडाका, नाहिराका सहित करीब 40 गांवों के किसान अपनी प्याज की फसल को लेकर खुश हैं।
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जिन किसानों को अपने खेत में टमाटर लगाने की जल्दी है, उन्होंने बाजार में हरे प्याज की सप्लाई शुरू कर दी है। जिला बागवानी विभाग के एसडीओ डॉ. खलील अहमद ने बताया कि बृहस्पतिवार को किसान अकबर दिल्ली की मंडियों में हरे प्याज का पहला खेप बेचकर आए हैं।

ग्यासीवास गांव के सुरेश, अगोन के लक्ष्मीचंद और रूजदार भी अपनी फसल दिल्ली-एनसीआर की मंडियों में भेजने की तैयारी में हैं।

जिला बागवानी अधिकारी महेंद्र मंत्री ने बताया कि तीन महीने पहले बोई गई प्याज ने जमीन से निकालना शुरू कर दिया है। इसलिए अनुमान है कि अगले 20 दिन में लाल प्याज की खेप दिल्ली-एनसीआर की मंडियों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद का कहना है कि हरियाणा सरकार के माध्यम से दिल्ली का संकट दूर करने मेंमुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मदद की जाएगी।

दिल्ली-आगरा के व्यापारियों की नजर मेवात पर
मेवात के पाटखोरी, अगोन गांव के प्याज पर दिल्ली और आगरा के व्यापारी नजरें गड़ाए हैं। इन गांवों में उम्दा प्याज का उत्पादन होता है। इसकी दिल्ली और यूपी के शहरों में खासी डिमांग है। यहां के किसानों ने बताया कि बाहरी व्यापारी माल उठाने को उनसे निरंतर संपर्क बनाए हैं।
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एक नजर
- 40 से अधिक गांवों में होता है प्याज का उत्पादन
- 7000 हजार हेक्टेयर में फिरोजपुर झिरका अनुमंडल में खेती
- 200 कुुंतल प्रति एकड़ के आसपास है उत्पादन की दर
- 17000 हजार हेक्टेयर में पूरे मेवात में बोया जाता है प्याज
- 60 सब्जी उत्पादक समूह हैं फिरोजपुर झिरका में
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