साइबर सिटी बुधवार को हुई तेज बरसात में पूरी तरह से जलमग्न हो गई। केवल कॉलोनियां ही नहीं, बल्कि पॉश इलाकों में भी बरसाती पानी घरों के भीतर तक घुस गया। जलभराव के कारण जहां जगह-जगह जाम लगा, वहीं दैनिक जीवन भी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा।
जिले में बृहस्पतिवार की मध्यरात्रि तक मौसम ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया था, जिसे देखकर बरसात का अंदाजा लग पाता। सुबह साढ़े छह बजे तक केवल ठंडी हवा ही चल रही थी। अभी बमुश्किल आधा घंटा गुजरा होगा कि अचानक बरसात शुरू हो गई। लोगों को उम्मीद थी कि बरसात जल्द थम जाएगी।
साढ़े सात बजे ऐसा हुआ भी, लेकिन आधे घंटे बाद ही बरसात दोबारा शुरू हो गई। इस बार तो ऐसी झड़ी लगी कि एक घंटे से भी कम समय में शहर को जलमग्न कर दिया।
पटेल नगर, प्रेम नगर, मियांवाली कॉलोनी, शीतला कॉलोनी जैसे निचले इलाकों के अलावा, ओल्ड सिटी के महावीर चौक, सिविल अस्पताल, खांडसा रोड, बसई चौक, हीरो होंडा चौक भी पूरी तरह से जलमग्न नजर आए। बरसात ने सेक्टरों में जल निकासी के दावों की भी खूब पोल खोली।
सेक्टर चार, पांच, सात एक्सटेंशन, 14, 15 पार्ट वन व टू, 31, 32, 38, 39, 40 समेत डीएलएफ और सुशांत लोक में भी कई स्थानों पर भारी जलभराव हुआ।
एक्सप्रेस-वे पर जाम
जलभराव से एक्सप्रेस-वे पर जाम की स्थिति बन गई। एक्सप्रेस-वे पर सरहौल टोल से खेड़कीदौला व मानेसर तक वाहन रेंगते हुए गुजरे। सबसे बुरा हाल एक्सप्रेस-वे पर हीरो होंडा चौक का था। यहां तीन से चार फुट पानी जमा हो गया। इससे एक्सप्रेस-वे और सर्विस लेन पर भी वाहनों का जमावड़ा लग गया। यहां आवाजाही सामान्य करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। बरसात रुकने के बाद शाम को ठंडी हवा चली। मौसम विभाग ने रविवार तक बरसात जारी रहने की संभावना व्यक्त की है।
बरसात के साइड इफेक्ट
-सुबह बरसात होने की वजह से लोगों को ऑफिस जाने में खासी परेशानी आई।
-बरसात के कारण लोग अष्टमी के लिए सुबह खरीददारी नहीं कर पाए। बाजार सूने रहे।
-रामलीला के पंडालों में पानी भर गया। पर्दे भीगने से रामलीला मंचन में परेशानी रही।
-कई जगह रावण के पुतले बनाए जा रहे थे, जिन्हें काफी नुकसान पहुंचा है।
-जलभराव की वजह से दोबारा से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है।
-बरसात से हवा में नमी बढ़ी है। नमी बढ़ने से संक्रमित बीमारियों का फैलना तय।