जिले के गैस उपभोक्ताओं को एक जनवरी से घरेलू गैस पर सब्सिडी राशि सीधे खाते में मिलने लगेगी। उपभोक्ताओं को केवल आधार कार्ड अपने खाते और एजेंसी से लिंकअप करना होगा। जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड नहीं है, उन्हें तीन माह का ग्रेस पीरियड देने का निर्णय लिया गया है।
इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। गैस एजेसियों को निर्देश मिले हैं कि जनवरी से सब्सिडी के बदले उपभोक्ताओं को नकद राशि का भुगतान सुनिश्चित कराना है।
अखिल भारतीय एलपीजी वितरक संघ के जिला प्रधान शशिकांत शर्मा बताते हैं कि दीपावली के बाद आधार कार्ड को लिंक अप करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। अगर किसी उपभोक्ता के पास आधार कार्ड नहीं है तो उसे मार्च तक रियायती दर सिलेंडर देने का निर्देश मिला है।
इस दौरान अगर आधार कार्ड नहीं बनता है तो खाता ब्लॉक भी हो सकता है। खास बात है कि खाता ब्लॉक होने के बाद उपभोक्ता बाजार भाव पर सिलेंडर ले पाएगा। जैसे ही आधार कार्ड बनकर तैयार होगा तो उसके बाद उपभोक्ता को शेष कोटे के तहत कैश सब्सिडी सीधे खाते में मिल जाएगी।
सिलेंडरों की संख्या तय नहीं
गैस कंपनियों ने आधार कार्ड के बिना मार्च तक सब्सिडी वाले सिलेंडर देने का निर्णय तो ले लिया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया है कि ऐसे उपभोक्ताओं को साल में कितने सिलेंडर मिलेंगे। वैसे तो साल भर में प्रत्येक उपभोक्ता को नौ रियायती सिलेंडर मिलते हैं। इस लिहाज से माना जा रहा है कि आधार कार्ड के बिना उपभोक्ता मार्च तक दो से तीन सिलेंडर लेने के हकदार होंगे।
एटीएम से कर रहे जागरूक
सरकार डायरेक्ट कैश स्कीम के प्रति लोगों को निजी और सरकारी बैंकों के एटीएम संदेशों से जागरूक कर रही है। गैस एजेंसियों ने भी अपने कार्यालयों के बाहर इस बारे में विस्तार से सूचनाएं चस्पा कर दी है। लोगों से अपील की जा रही है कि वह जल्द से जल्द आधार कार्ड लिंक अप करा लें ताकि जनवरी से सीधे कैश की सुविधा शुरू की जा सके।