द्वारका-एक्सप्रेसवे की जद में आने वाली जमीन का मुआवजा दौलताबाद गांव के किसानों की मंगलवार को मिला। हुडा की ओर से 44 करोड़ रुपये के चेक का भुगतान किया गया।
दौलताबाद गांव के रहने वाले किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को हुडा प्रशासक डॉ. प्रवीण कुमार से मुलाकात की। किसानों का आरोप था कि भूमि अधिग्रहण विभाग की ओर से उनको सात माह से टहलाया जा रहा है।
उनकी जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। हुडा की ओर से उस पर सड़क का निर्माण भी किया जा चुका है। किसान हुडा कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। हुडा प्रशासक ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी से बात की।
उन्होंने अधिकारियों से इस बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी। इसमें पाया गया कि किसानों को मुआवजा अदा करने में देरी हो रही है। इस पर मुख्यालय से धन न आने के कारण भुगतान न होने की बात कही गई।
हुडा प्रशासक ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जब मुख्यालय से यह जानना चाहा तो पता चला कि उनके पास इस तरह का पत्र ही नहीं मिला है। वरिष्ठ लेखाधिकारी राधेश्याम गोयल की ओर से मुख्यालय को भेजे गए ई-मेल पर भुगतान मांगा गया।
इसकी स्वीकृति के बाद हुडा ने किसानों को 44 करोड़ रुपये वितरित करने का आदेश दिया। हुडा प्रशासक के अनुसार उनका मुआवजा किसानों के खाते में पहुंच जाएगा।