प्रशासन के लाख प्रयासों के बाद भी डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा। प्रशासन ने डेंगू से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रखा है, मगर मौसम में आए बदलाव से सोमवार को मरीजों की संख्या 250 पार हो गई।
शहर में डेंगू के प्रकोप को देखते हुए लोगों में इसे लेकर खौफ पैदा होता जा रहा है। दीवाली के बाद इसका अंत माना जा रहा था, मगर इस बार मौसम में आए बदलाव के चलते इन पर दीवाली के दिन होने वाली आतिशबाजी का प्रदूषण भी नहीं असर करेगा।
जिला प्रशासन की ओर से छिड़काव किया जा रहा है। जिले में इस बार पिछले साल की तुलना में चार गुना से अधिक डेंगू के मरीज पाए गए हैं। सितंबर में इनकी संख्या 100 के लगभग थी।
20 अक्तूबर को यह संख्या 250 पार कर गई है। जिले में किसी दिन 10, तो किसी दिन पांच मरीज डेंगू के पाए जा रहे हैं। कमिश्नरी में तैनात कई पुलिस अधिकारी व पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल भी इसकी चपेट में आ गए हैं।
यहां मिला लारवा
जिला चिकित्सालय के सर्वे में सेक्टर चार, पांच, छह, दस, कासन, मानेसर, लक्ष्मी गार्डन, चार-आठ मरला, ओमनगर, हरि नगर, डूंडाहेड़ा, मुल्लाहेड़ा, कापसहेड़ा, डीएलएफ, वजीराबाद और सिकंदरपुर के पांच हजार घरों से सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 160 घरों में मच्छरों का लारवा पाया गया है।
छिड़काव किया जा रहा
सीएमओ पुष्पा बिश्नोई का कहना है कि डेंगू को लेकर प्रशासन गंभीर है। सर्वे कराने के बाद मिलने वाले लारवा के स्थान पर छिड़काव किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लारवा पाए जाने वाले संदिग्ध स्थानों की जानकारी जिला चिकित्सालय को उपलब्ध कराने में आगे आएं।