केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सीआरपीएफ के जांबाजों को सम्मानित किया। इस मौके पर परेड का आयोजन किया गया। महिला कमांडो दस्ते ने भी करतब दिखाए।
मंगलवार को सीआरपीएफ की 74वीं वर्षगांठ के अवसर पर ग्रुप केंद्र कादरपुर में वार्षिक परेड का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे मुख्य अतिथि थे।
सीआरपीएफ की 12 टुकड़ियों ने बैंड की धुन पर शानदार मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया। सीआरपीएफ के जवानों ने फ्यूजन डांस की प्रस्तुति देकर मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर महिला कमांडो दस्ते ने ड्रिल का प्रदर्शन किया, जिसमें दिखाया गया कि यह दस्ता दुश्मनों से किस तरह से निपटेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि सीआरपीएफ के जवानों को भूतपूर्व सैनिकों के बराबर का दर्जा दे दिया गया है। इस बल के सैनिकों के लिए कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त कोच आरक्षित किए गए हैं।
देश के आंतरिक हिस्सों की चुनौतियों से यह बल बखूबी निपट रहा है। तीन महिला कमांडो दस्ते इस बल की विशेषता बन गए हैं। इस बल के शहीदों की शहादत को राष्ट्र कभी नहीं भुला पाएगा।
इस मौके पर सीआरपीएफ के महानिदेशक दिलीप त्रिवेदी ने कहा कि बल को आधुनिक तकनीक व हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में यह बल बखूबी काम कर रहा है। ऐसे क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
चार वीरों को मरणोपरांत मिला पदक
गृहमंत्री सुशील शिंदे ने सीआरपीएफ के आठ जांबाजो को वीरता के लिए पुलिस पदक प्रदान किया। इसमें चार वीरों को मरणोपरांत यह पदक दिया गया। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में काम करने के लिए 159 बटालियन, जम्मू-कश्मीर में काम कर रही 179 बटालियन तथा पूर्वोत्तर राज्यों में श्रेष्ठ काम करने के लिए बटालियन 68 को ट्रॉफी प्रदान की। ग्रुप केंद्र पुणे को बेस्ट सेंटर तथा सीआईएटी शिवपुरी मध्यप्रदेश को बेस्ट अभिनव प्रशिक्षण संस्थान की ट्रॉफी प्रदान की।