प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लिए जाने के कारण प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए एनओसी भी नहीं मिल रही है। जुलाई महीने से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लिया जा रहा है। निगम की ओर से 29 जून को जारी किए गए पत्र को आधार बनाकर प्रॉपर्टी टैक्स पर रोक लगाई गई है।
स्थानीय निकाय की ओर से जारी इस पत्र में प्रॉपर्टी टैक्स में सुधार के लिए समिति बनाने की जानकारी दी गई थी। इसमें अगले आदेश तक टैक्स न लेने का निर्देश था। समिति को 45 दिन में रिपोर्ट देनी थी। लेकिन करीब तीन महीने बाद भी इस पर फैसला नहीं किया जा सका है।
निगमायुक्त के मौखिक आदेश पर महज दो दिन तक टैक्स जमा किया गया था। बाद में इसे बंद कर दिया गया।
निगम से मिली जानकारी के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के बाद ही मैप के लिए आवेदन स्वीकार होते हैं।
निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए निगम से नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट(एनओसी) लेना होता है। इस संबंध में निगमायुक्त पीसी मीणा ने कहा कि इस संबंध में स्थानीय निकाय से निर्देश मांगे गए हैं।
जल्द ही नई अधिसूचना आने की उम्मीद है। इसके बाद नए आधार पर ही टैक्स लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि निगम में पिछले तीन महीने में महज 60 हजार रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया गया।
सिर्फ जून महीने में निगम को करीब 110 करोड़ रुपये का राजस्व प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर मिला था। निगम का मार्च 2014 तक 250 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य है।