शहर में सीएनजी की सप्लाई को लेकर दो साझेदारों के बीच झगड़ा बरकरार है। सेक्टर 29 का सीएनजी पंप भले ही शुरू हो गया है, लेकिन यह विवाद जल्द ही इस पर दोबारा ताला लगवा सकता है।
हरियाणा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड शहर में चार फिलिंग स्टेशनों के माध्यम से निजी वाहनों को गैस उपलब्ध कराती है। यह कंपनी गेल और आईजीएल से गैस खरीदती है। इसके बाद अपना लाभ कमाकर आगे डिस्ट्रीब्यूटर को दे देती है।
सीएनजी सप्लाई को लेकर हरियाणा सिटी गैस के चेयरमैन सतीश चोपड़ा और एसकेएन के डायरेक्टर कपिल चोपड़ा के बीच विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते एक सितंबर, 2013 को सेक्टर 29 के पंप पर ताला जड़ गया था।
सतीश चोपड़ा ने इसकी वजह सेक्टर 29 पंप की कलेक्शन न मिलना बताया था। करीब दस दिन बाद सेक्टर-29 पंप के डिस्ट्रीब्यूटर मनोज गुप्ता ने पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया था कि उन्होंने समय पर कलेक्शन जमा कराई है।
रोज आने वाली कलेक्शन पहले अपने खाते में जमा करते और उसके बाद आरटीजीएस के माध्यम से राशि कंपनी को जमा करा दी जाती। उन्होंने बैंक डिटेल दिखाते हुए चेतावनी दी थी कि अगर जल्द पंप से कब्जा नहीं हटाया तो वह कोर्ट जाएंगे।
इसके करीब दो सप्ताह बाद पुलिस ने सेक्टर 29 के पंप का कब्जा तो मनोज गुप्ता को दिला दिया था, लेकिन अदालत के आदेश आने तक इसे चलाने की इजाजत नहीं थी। अदालत का आदेश आने के बाद अब सेक्टर 29 का पंप दोबारा से शुरू तो हो गया है, लेकिन इसके जल्द ही बंद हो जाने का अंदेशा लगातार बना है।
ये है कारण
हरियाणा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने इस मामले पर कोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी अपनी दलील 27 नवंबर को रखेगी। हरियाणा सिटी गैस के एमडी सतीश चोपड़ा का कहना है कि कलेक्शन समय पर न मिलने की वजह से गेल सप्लाई रोक देता है, जिसका परिणाम पूरे शहर को भुगतना पड़ता है। पहले भी सेक्टर 29 पंप की वजह से शहर में सीएनजी की सप्लाई ठप हो चुकी है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।