जिलाधीश शेखर विद्यार्थी ने दंड प्रक्रिया अधिनियम 1973 की धारा 144 के तहत सभी पब व बार संचालकों को परिसर, प्रवेश और निकास द्वार पर 15 दिन के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्देश दिया है।
जारी आदेशों में कहा गया है कि पब व बार में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे अच्छी गुणवत्ता के होने चाहिए। उनमें कम से कम 30 दिन की फुटेज स्टोर करने की क्षमता हो। पब व बार रात 12 के निर्धारित समय के बाद खुले न रखे जाएं।
संचालक यह सुनिश्चित करेंगे कि नाबालिगों को शराब न परोसी जाए। शराब परोसने का काम करने वाले वेटरों की उम्र 25 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
बार संचालकों को आदेश दिए गए हैं कि वे ग्राहकों की आयु की पुष्टि के लिए उनके आईडी प्रूफ चेक करेंगे। पब व बार में बैनर व पोस्टर लगवाएं, जिन पर लिखा गया हो कि ‘25 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को शराब नहीं परोसी जाएगी’।
पब व बार में नशे की हालत में आपराधिक घटनाएं भी हो सकती हैं, जिनमें वास्तविक आरोपियों का पता लगाना कठिन हो जाता है। कैमरे लगने के बाद आरोपियों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर भी अंकुश लगाने में ये कैमरे कारगर सिद्ध होंगे। यह आदेश पूरे शहर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं, जोकि आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।