उद्योग विहार फेज-चार में आठ दिन पहले अवकाश को लेकर हुए झगड़े में दो लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी और बीपीओ कंपनी के टीम लीडर की शनिवार को पुलिस रिमांड पूरी होने पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसके खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।
उल्लेखनीय हे कि ताज नगर के सुनील यादव ने बेटा होने पर अपने टीम लीडर मुकेश विष्ट से छुट्टी मांगी थी। इस दौरान मोबाइल पर गाली गलौज होने के बाद झगड़े में राम अवतार व देवेंद्र की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद उद्योग विहार थाना पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी मुकेश विष्ट को अदालत से तीन दिन की रिमांड पर लिया था। इसकी निशानदेही पर हत्या के बाद छुपाए गए खून से सने कपड़े बरामद किए गए।
हत्या करने में उसके साथ काम करने वाले हरे राम व राम किशन भी शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि मुकेश ने वारदात के बाद अपने कपड़े सुखराली के एक पीजी में रहने वाले दोस्त के कमरे में छुपाए थे।
उद्योग विहार थाना पुलिस ने रिमांड पूरी होने पर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया।
सुनील ने एक दिन की ले रखी थी छुट्टी
जांच में पता चला कि सुनील चार अक्तूबर को छुट्टी लेकर पत्नी को रेवाड़ी के डॉक्टर को दिखाने ले गया था। पांच अक्तूबर को बेटा होने पर टीम लीडर से छुट्टी बढ़ाने को लेकर विवाद हो गया। बाद में यह हिंसक झड़प में बदल गया।