गुड़गांव। नगर निगम की जमीन पर बने अवैध फार्म हाउस हटाए जाएंगे। इसके तहत ग्वाल पहाड़ी में 464 एकड़ जमीन की पैमाइश कर ली गई है। इसकी सही जानकारी के लिए अब सेटेलाइट इमेज ली जाएगी। दोनों कोमिलान कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
निगम के दायरे में आने वाले गांव ग्वाल पहाड़ी की करीब 464 एकड़ जमीन लोगों ने बेच दी थी। इस पर अभी कई बड़े लोगों के फार्म हाउस हैं। नगर निगम बनने के बाद यह जमीन निगम की संपत्ति बन गई। निगम ने इसे अपने अधीन लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने इस पर नगर निगम का अधिकार बताया। इसके बाद निगम की संयुक्त आयुक्त अंजू चौधरी ने करीब 181 लोगों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1973 की धारा 408 के तहत नोटिस जारी किए थे। सभी को एक सप्ताह में जमीन के रिकार्ड का ब्योरा जमा कराना था। तय समय पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
निगम की इस जमीन पर काफी संख्या में फार्म हाउस बने हैं। कुछ लोगों ने यहां चारदीवारी कर आशियाने बना लिए हैं। इस जमीन का कुछ हिस्सा विशेष आर्थिक जोन के लिए भी बेचा गया है। वार्ड पार्षद महेश दायमा इस मामले को सदन में कई बार उठा चुके हैं।
दस करोड़ प्रति एकड़ का दाम
यहां एक एकड़ जमीन की कीमत करीब 10 करोड़ से अधिक है। इस लिहाज से निगम की यह 464 एकड़ जमीन करीब 4640 करोड़ रु पये के होने का अनुमान लगाया गया है।
क्या था विवाद
गांव की शामलाती जमीन पर गांव के हरेक व्यक्ति का आबादी के अनुसार हिस्सा होता है। इसी के तहत गांव के लोगों ने अपने-अपने हिस्से की जमीन को बेच दिया था। इस पर यह मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा। वहां उच्च न्यायालय ने इस खरीद फरोख्त को गलत करार दिया।