गुड़गांव। स्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते मामलों से शहर सहम सा गया है। इससे बचाने के लिए आम आदमी के साथ-साथ जिला सिविल अस्पताल के चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों को लेकर भी सतर्क किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मास्क उपलब्ध करा दिए हैं। इसके साथ ही उन्हें कुछ आवश्यक निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।
जिले में अब तक 15 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन तीन से चार संभावित मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने अपने सभी चिकित्सक और कर्मचारियाें को मुंह पर मास्क लगाने की हिदायत दी है। उन्हें रोग से बचाने के लिए उच्चाधिकारियों से टीके उपलब्ध कराने को कहा गया है। शनिवार तक इसकी आपूर्ति नहीं हो पाई थी। चिकित्सकों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर इस टीके का इंतजाम किया है। एक बार आवश्यक टीका लगने पर सालभर तक बीमारी होने का अंदेशा नहीं रहता।
दूसरी ओर, सिविल अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक और अन्य कर्मचारी भले स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूक होें, यहां आने वाले मरीज अभी भी बेपरवाह बने हुए हैं। एक दो मरीजों को छोड़ दें तो शेष सभी बिना मुंह ढके लाइनों में लगे रहते हैं। सिविल अस्पताल में आए दंपति ने बताया कि उन्होंने यहां चिकित्सकों और कर्मचारियों को मास्क लगाए देखा। इसके बाद वे दो मास्क खरीद लाए। चिकित्सक भी मानते हैं लोगों को जागरूक किए बिना स्वाइन फ्लू से लड़ना आसान नहीं है।
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स्वाइन फ्लू लाइलाज बीमारी नहीं है। इससे बचाव के लिए सभी जरूरी उपाय अपनाएं। लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। किसी व्यक्ति में इसके लक्षण मिलते हैं तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। इसके लिए बाकायदा सिविल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
-डॉ. प्रवीण गर्ग, जिला सिविल सर्जन, गुड़गांव