गुड़गांव। शहर की भविष्य की जलापूर्ति की मांग को पूरा करने के लिए गांव चंदू बुढेड़ा में जलघर बनाया जाएगा। इसमें 22 एमजीडी क्षमता की छह यूनिट होंगी। इसके लिए फिलहाल 274 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। सभी यूनिटों के लिए 140 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी, जो अभी अधिग्रहीत की जानी है। यूनिटें बनने के बाद गुड़गांव की 2025 तक की अनुमानित 40 लाख की आबादी के लिए सात दिन पानी स्टोर करने की क्षमता हो जाएगी।
सरकार ने साइबर सिटी में पानी की व्यवस्था के लिए गांव चंदू बुढेड़ा में जलघर बनाने का निर्णय लिया है। इस बड़े जलघर की 22 एमजीडी क्षमता की पहली यूनिट के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, जिसका ट्रायल रन भी शुरू हो गया है। इस पहली यूनिट के साथ एक जल शोधन संयंत्र, कच्चे पानी व साफ पानी के दो अलग-अलग पंप हाउस, 45 करोड़ लीटर भंडारण क्षमता के तीन स्टोरेज टैंक स्थापित हो गए हैं। एक हजार मिलीमीटर चौड़ाई की लगभग साढ़े छह किलोमीटर लंबी पाइप लाइन चंदू बुढ़ेड़ा से बसई जलघर तक बिछाई गई है। इन सभी कार्यों के साथ पहली यूनिट पर लगभग 130 करोड़ की राशि खर्च की गई है।
दूसरी यूनिट पर चल रहा काम
हुडा ने पहली यूनिट पूरी होने के बाद अब जलघर की 22 एमजीडी की दूसरी यूनिट के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। इस पर लगभग 38 करोड़ 40 लाख रुपये का खर्च आएगा। दूसरी यूनिट का लगभग 40 प्रतिशत कार्य अब तक पूरा किया जा चुका है और इसके जून 2013 तक पूरा होने की उम्मीद है।
तीसरी यूनिट का हो रहा एस्टीमेट तैयार
तीसरी यूनिट का एस्टीमेट भी तैयार कराया जा रहा है। इस पर लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसकी क्षमता भी 22 एमजीडी की होगी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे पेयजल की गुड़गांव में मांग बढ़ती जाएगी, उसी अनुसार भविष्य में जलघर की नई यूनिटें स्थापित कराई जाएंगी।
पेयजल आपूर्ति के लिए हो चुके टेंडर
गुड़गांव में विकसित होने वाले 58 से 115 तक के नए सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति के लिए 176 करोड़ रुपये राशि के टेंडर हो चुके हैं, जिसे मुख्य अभियंता के पास आवश्यक स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है। गौरतलब है कि वर्तमान में गुड़गांव शहर को बसई जलघर से पेयजल आपूर्ति हो रही है, जहां पर 20-20 एमजीडी क्षमता के तीन जल शोधन संयंत्र हैं। बसई जलघर से प्रतिदिन लगभग 50 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है।