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293 घरों के अंदर मिले मच्छर के लार्वा

Sun, 06 Oct 2013 06:21 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
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जिला स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी के बावजूद घरों के भीतर मच्छरों का लार्वा मिलने का सिलसिला जारी है। बीते शनिवार को विभिन्न इलाकों में 4857 घरों की जांच की गई। जांच में 293 घरों के भीतर और 169 घरों के पास मच्छर पनपते मिले हैं।
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जिला मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जैकमपुरा में 173 घरों की जांच की गई। इनमें से नौ घरों के अंदर मच्छरों का लार्वा मिला। अशोक विहार, शीतला कॉलोनी, खांडसा, शिवाजी नगर, शांति नगर, सेक्टर-51, 52, 53 और सिकंदरपुर में 81 घरों के अंदर और 37 घरों के पास मच्छर पनपते मिले। डूंडाहेड़ा, मूल्लाहेड़ा, कार्टरपुरी, सरहौल और कासन ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लगातार मच्छर मिल रहे हैं। यहां 344 घरों की जांच में 114 घरों के भीतर और 113 घरों के पास मच्छर मिले हैं।

12 नए मरीज भी
एक तरफ जहां घरों के भीतर मच्छरों का लार्वा मिल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ रोजाना नए मरीज भी सामने आ रहे हैं। पिछले तीन दिन में डेंगू के 12 नए मरीज सामने आए हैं। अभी तक पॉश इलाकों से ही डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज सामने आ रहे थे, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र में भी डेंगू का समान प्रकोप देखा जा रहा है।
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एडीज मच्छर के काटने से होता है डेंगू
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह दो प्रकार का होता है। डेंगू फीवर और डेंगू हेमोरहेजिक फीवर। डेंगू फीवर बड़े लोगों और युवाओं में अधिक होता है, लेकिन यह जानलेवा नहीं होता। इसके विपरीत डेंगू हेमोरहेजिक फीवर ज्यादातर बच्चों में होता है और इसकी वजह से जान जाने का पूरा खतरा रहता है।

दिन में ही काटता है डेंगू का मच्छर
एडीज मच्छर सुबह या दोपहर बाद ही काटता है। खास बात है कि मलेरिया के लिए जिम्मेदार मादा एनाफीलिज मच्छर जहां एक व्यक्ति को काटने के बाद कुछ समय तक विश्राम करता है, वहीं डेंगू का मच्छर बिना विश्राम किए संक्रमण फैलाता रहता है। यही कारण है कि डेंगू का मामला देर से मिलता है, लेकिन यह फैलता बड़ी तेजी से है।

प्लेटलेट्स की कमी बनती है मौत का कारण
डेंगू में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या लगातार कम होती जाती है। एक स्वस्थ व्यक्ति के ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख तक होती है। डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिरती है और इतनी कम हो जाती है कि व्यक्ति की मौत हो जाती है।
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