गोहाना में 10 नवंबर को होने वाली रैली में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा प्रदेश के ढाई करोड़ लोगों को मुफ्त चिकित्सा का तोहफा दे सकते हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने घोषणाओं को अंतिम रूप दे दिया है।
रैली में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ घोषणाएं हो सकती हैं। ये घोषणाएं आगामी एक जनवरी से लागू हो सकती हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घोषणाओं में सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कालेजों के अस्पतालों में लोगों का मुफ्त इलाज की बड़ी घोषणा हो सकती है।
फिलहाल ओपीडी के मरीजों को मुफ्त दवा दी जाती है। जिन मरीजों का ऑपरेशन होता है, उन्हें पैसे देने पड़ते हैं।
खून जांच, एक्सरे, ईसीजी, सीटी स्कैन आदि जांच के भी पैसे देने पड़ते हैं। वार्ड में दाखिल रहने पर बेड का खर्च देना पड़ता है।
ऑपरेशन के लिए सर्जरी पैकेज सिस्टम शुरू हो चुका है, मगर मरीजों को उसके लिए पैसे तो अदा करने ही पड़ते हैं।
अब विचार किया गया है कि ओपीडी के साथ-साथ अस्पताल में दाखिल होने वाले मरीजों का सारा इलाज मुफ्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसका स्वरूप स्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा। जो भी सुविधा सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक और प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में है सिर्फ मुफ्त सुविधा उसकी ही दी जाएगी।
जो जांच प्राइवेट लैब से होगा, उसका खर्च मरीज को स्वयं उठाना पड़ेगा।
हरियाणा में हर साल करीब पौने दो करोड़ मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं जबकि 15-20 लाख मरीज अस्पतालों में दाखिल होकर इलाज करवाते हैं।
ओपीडी मरीजों की मुफ्त चिकित्सा सुविधा कई अन्य राज्यों में है, मगर सरकारी अस्पताल पहुंचने वाले हर मरीज का मुफ्त इलाज करने की योजना शायद देश में सबसे पहले हरियाणा में लागू होगी।
इन घोषणाओं की संभावना
बुढ़ापा, विधवा पेंशन योजना 1000 रुपये महीना हो सकती है। फिलहाल पेंशन न्यूनतम 500 और अधिकतम 700 रुपये है। अब सबकी एकमुश्त पेंशन 1000 रुपये संभावित है।
किसानों को सहकारी बैंकों का कर्ज सस्ता हो सकता है। फिलहाल चार फीसदी दर पर कर्ज दिया जाता है।
किसानों के लिए जमीन का फ्लोर रेट सस्ता हो सकता है।
प्रदेश के 55000 पुलिस मुलाजिमों का वेतन बढ़ सकता है। हालांकि वेतनमान बढ़ेगा या विशेष भत्ते दिए जाएंगे इस बारे में घोषणा रैली में ही होगी।
स्कूल, कालेज, शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रही लड़कियों को मुफ्त बस यात्रा का तोहफा मिल सकता है।
फिलहाल उनका रियायती विद्यार्थी बस पास बनता है। वैसे लड़कियों को प्रदेश में ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है।
पंचों, सरपंचों, नगर निकायों के प्रधानों, नगर निगमों के मेयरों, नंबरदारों, चौकीदारों का मानदेय बढ़ने की संभावना है।
सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से 60 करने की घोषणा फिलहाल टल सकती है।
हो सकता है कि कर्मचारियों की इस मांग पर बाद में गौर किया जाए। अलबत्ता सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों में 80000 से ज्यादा पदों पर भर्ती की घोषणा हो सकती है।