जताई गांव में शराब के ठेके से परेशान ग्रामीणों ने ठेका नहीं हटाने पर ठेके को आग लगा दी। ग्रामीणों ने पहले नारेबाजी कर रोष जताया।
ग्रामीणों ने बताया कि शराब का ठेका गांव के मुख्य मार्ग पर जलघर के पास था। इसी मार्ग से गांव की महिलाएं जलघर से पानी लेने जाती और गोबर के उपले बनाने की जगह भी यहीं पास में बना रखी थी। ठेके पर शराब पीने वाले लोग नशे में अपशब्द बोलते।
इस बाबत गांव के मौजिज लोगों ने कई बार ठेकेदार को शराब का ठेका दूसरी जगह शिफ्ट करने की गुजारिश की। मगर हर बार अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार निवेदन करने के बाद भी ठेका नहीं हटाने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
मामला दर्ज नहीं
हालांकि आग लगाने की घटना के बाद शराब ठेकेदार ने कहा कि वह ठेके को शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
गांव में मुनादी के बाद जुटे ग्रामीण
शराब के ठेके से परेशान ग्रामीणों ने ठेका हटवाने के लिए बुधवार सुबह 10 बजे का समय निर्धारित किया। इसके लिए गांव में मंगलवार शाम को मुनादी भी कराई गई और सभी ग्रामीणों को सुबह 10 बजे ठेके पास एकत्रित होने के लिए कहा गया। इसके बाद बुधवार सुबह नौ बजे ही लोग ठेके के बाहर जुटना शुरू हो गए थे। सुबह 10 बजे तक लगभग पूरा गांव वहां जमा हो चुका था।
ग्रामीणों ने ठेकेदार को शराब का ठेका वहां से हटाने के लिए कहा। जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी भी हुई। ठेका नहीं हटाने से गुस्साए लोगों ने ठेके में आग लगा दी। ठेके में मौजूद शराब को भी नष्ट कर दिया गया। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची।