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Fatehabad News: विदेश जाने की चाह में जालसाजों के चक्रव्यूह में फंसकर युवा गंवा रहे पूंजी

Sat, 21 Sep 2024 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। विदेश जाने की चाह में वीजा लगवाने के लिए युवा जालसाजों के जाल में फंस रहे है और अपनी पूंजी गवां रहे हैं। दो माह में 10 से ज्यादा मामले जिले में आ चुके हैं, जिनमें फंसकर युवा 15 से 45 लाख रुपये तक डूबो चुके हैं। एजेंट झांसे में लेकर फर्जी वीजा थमा रहे है या फिर गलत जगह भेज रहे हैं।
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गांव धांगड़ और नाढोडी के 4 युवकों से आदमपुर निवासी एक शख्स ने वीजा लगवाने के नाम पर 40 लाख रुपये हड़प लिए। गांव दरियापुर निवासी युवक को 15 लाख रुपये लेकर जर्मनी की जगह अजरबैजान भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एजेंट के बारे में सहीं से जानकारी न लेने और विदेश जाने की चाह के लोग धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। एजेंसी या एजेंट के लाइसेंस के बारे में लोग जानकारी नहीं लेते हैं।
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केस एक : वीजा लगवाने के नाम पर चार युवकों से हड़पे 40 लाख रुपये
गांव धांगड़ और नाढोडी के चार युवकों ने वीजा लगवाने के नाम पर 45 लाख रुपये दे दिए लेकिन विदेश भेजने के लिए वीजा नहीं लगवाया गया। 20 अगस्त को इस मामले में सदर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। गांव धांगड़ निवासी युवक ने बताया था कि उसके रिश्तेदार ने आदमपुर में कार्यालय खोला हुआ था, जो कि विदेश भेजने का काम करता है। उसके पास वह नौकरी करता था। रिश्तेदार की बातों में आकर उसने अपने गांव के ही तीन युवकों व नाढोडी निवासी युवक का वीजा लगवाने के लिए 45 लाख रुपये दिए। लेकिन आरोपी ने किसी का वीजा नहीं लगवाया। जब पैसे वापस देने के लिए कहा तो 5 लाख रुपये दिए गए। बाकी 40 लाख रुपये आरोपी ने देने से मना कर दिया।
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केस दो : जर्मनी की जगह भेजा अजरबैजान
गांव दरियापुर निवासी युवक को जर्मनी भेजने की जगह अजरबैजान देश भेज दिया और वीजा लगवाने के नाम पर 15 लाख रुपये ठग लिए गए। इसको लेकर सदर पुलिस ने 29 अगस्त को मामला दर्ज किया था। दरियापुर निवासी व्यक्ति ने बताया था कि बेटे को जर्मनी भेजने के लिए उसने तीन लोगों को रुपये दिए। 1 जनवरी 2024 को टूरिस्ट वीजा लगाकर बेटे को दिल्ली से अजरबैजान भेज दिया और कहा कि यहां से जर्मनी भेज देंगे। आरोप है कि उक्त लोगों ने उसके बेटे का जर्मनी का वीजा नहीं लगवाया गया। बेटा तीन माह तक होटल में रहा और उसके पास पैसे भी खत्म हो गए। बेटा मुश्किल से घर पहुंचा। जब आरोपियों से पैसे मांगे गए तो देने से मना कर दिया गया।
केस 3 : 20 लाख रुपये लेकर दिया फर्जी वीजा
मॉडल टाउन निवासी एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये लेकर गुजरात के अहमदाबाद निवासी व्यक्ति ने फर्जी वर्क वीजा दे दिया। मामले को लेकर साइबर क्राइम थाना पुलिस मामला दर्ज कर चुकी है। शिकायत में बताया गया कि वर्क वीजा को लेकर उसकी गुजरात के अहमदाबाद निवासी व्यक्ति से बात हुई। यमुनानगर के जगाधारी निवासी रिश्तेदार के दस्तावेज वर्क वीजा के लिए व्हाट्सअप कर दिए। गुजरात निवासी आरोपी ने व्हाट्सअप पर वर्क परमिट का स्क्रीन शॉट भेज दिया। आरोप है कि जब वर्क परमिट चेक करवाया तो नकली निकला। जब पैसे मांगे तो आरोपी ने 20 लाख रुपये नहीं लौटाए। मामले को लेकर पंचायत भी हुई। पंचायती तौर पर आरोपी ने समझौता कर लिया कि दो लाख रुपये हर माह देगा लेकिन उसके बाद भी रुपये नहीं दिए।
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ठगी से बचने के लिए ऐसे रहे सतर्क
- यदि कोई विदेश में पढ़ाई या नौकरी के लिए जाना चाहता है तो सबसे अहम ये है कि संबंधित एजेंसी या एजेंट के लाइसेंस की जांच करनी चाहिए।
- एजेंट का पूरा पता और जानकारी भी लेनी चाहिए, ताकि यदि आप ठगी का शिकार हो जाएं तो शिकायत की जा सके।
- आवेदन में कोई गलत जानकारी न दें, वीजा एजेंट के कहने पर भी ऐसा न करें।
- एजेंसी द्वारा जो वीजा दिया जा रहा है, उसकी जांच पहले करवाएं। वीजा सही पाए जाने के बाद ही भुगतान करें।
- यदि पढ़ाई के लिए विदेश जा रहे हों तो इंस्टीट्यूट या यूनिवर्सिटी के बारे में पता कर लें।
- नौकरी के लिए जा रहे हैं तो पहले ये पता कर लें कि जिस कंपनी में नौकरी दिलवाने की बात कही जा रही है वह असल में है भी या नहीं है।
-अगर कोई ये दावा करता है कि वीजा जल्दी दिलवा सकता है तो उससे सतर्क रहिए।
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सबसे जरूरी बात ये है कि वीजा को लेकर राशि देते समय संबंधित के बारे में पूरी जानकारी लें। एजेंट अधिकृत है या नहीं है। इसके अलावा अनजान कॉल न उठाएं। रोजाना नई एप आ रही है, प्रलोभन में आकर सत्यापित किए बिना कोई जानकारी न दें।
- सतीश कुमार, साइबर क्राइम थाना पुलिस
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वीजा को लेकर पुलिस विभाग की तरफ से समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है ताकि लोग जागरूक हो सकें। वीजा लगवाने वाले एजेंट के बारे में पूरी जानकारी लें, इसके बाद ही दस्तावेज दें। सरकार द्वारा अधिकृत एजेंट के पास ही आवेदन करें। अगर कोई धोखाधड़ी होती है तो तुरंत पुलिस को शिकायत दें।
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- आस्था मोदी, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद
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