योग दिवस की तैयारियों का जायजा लेने आए अधिकारियों का दम तो रिहर्सल में ही फूलता नजर आया। अति उत्साह में कई अधिकारियों ने योग करना शुरू तो किया लेकिन पहले दस मिनट में ही उनको अंदाजा हो गया था कि उन्होंने पंगा ले लिया है। प्रशासन की ओर से एसडीएम संत लाल पचार सहित कई अधिकारियों ने मंच पर योग की कमान संभाल ली लेकिन इसे बढ़ती उम्र का तकाजा कहिए या फिर नियमित योग के अभ्यास का अभाव, अधिकतर योग आसनों में एसडीएम सहित ज्यादातर अधिकारियों के पसीने छूट गए।
हालांकि, कई मौकों पर एसडीएम संत लाल पचार ने अपने से उम्र में कहीं छोटे कई अफसरों से बेहतर योग किया। मंच पर एसडीएम संतलाल पचार के अलावा एमएम कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजीव त्रिखा, डीडीपीओ राजेश खोथ, सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी, कृषि विभाग के उपनिदेशक बलवंत सहारण, जिला खेल अधिकारी सूबे सिंह बैनीवाल, डीपीआरओ आत्माराम गोदारा और जिला आयुष अधिकारी पूनिया सहित कई अधिकारियों ने योगाभ्यास किया।
ताड़ासन से निकले, वृक्षासन में अटके अफसर
एमएम कॉलेज के मैदान के मंच पर हुए योग रिहर्सल में सिविल सर्जन डॉ. अशोक चौधरी और कृषि विभाग के उपनिदेशक बलवंत सहारण ताड़ासन के समय असंतुलित हुए। बाद में डीडीए बलवंत सहारण ने आखिरकार ताड़ासन की प्रक्रिया पूरी कर ही ली। इसके बाद वृक्षासन की बारी आई तो कई अफसर उसमें अटकते दिखाई दिए। हालांकि, एसडीएम आसन की मुद्रा में आ गए लेकिन संतुलन बनाने में उनको कई दिक्कतें आईं। उनके अलावा, एमएम कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. संजीव त्रिखा को भी वृक्षासन में कई बार परेशानी आई। सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने इस आसन के लिए प्रयास ही नहीं किए।
व्रकासन करने से पीछे हटे एसडीएम
एसडीएम संत लाल पचार ने भले ही कई आसन बेहतरीन ढंग से किए लेकिन व्रकासन के आगे उनकी हिम्मत जवाब दे गई। एसडीएम ने इसे करने का प्रयास भी नहीं किया। उनके साथ बैठे सिविल सर्जन डॉ. अशोक चौधरी भी एसडीएम की देखादेखी चुपचाप खड़े रहे। हालांकि, प्रशिक्षकों के सिखाने के बाद जरूर दोनों अधिकारियों ने इसको करने का प्रयास किया।
सेतुबंद आसन में भी पिछड़े अधिकारी
योग करने मंच पर पहुंचे अधिकारियों ने सेतुबंद आसन करने का प्रयास किया। लेकिन कई कोशिशों के बावजूद वे इस आसन को सफलतापूर्वक नहीं कर पाए। हालांकि, इसी आसन के दौरान योग प्रशिक्षिका अंबिका के योग प्रदर्शन से लोगों ने दांतों तले अंगुलियां दबा ली।
अर्धहलासन और पवन मुक्तासन में भी फेल
योग प्रशिक्षण के दौरान कई योग क्रियाओं को बखूबी अंजाम देते आ रहे अधिकारी अर्धहलासन और पवन मुक्तासन में पिछड़ गए। कोई भी अधिकारी इस योग आसन को पूरा नहीं कर पाया। एसडीएम का प्रयास भी सफल नहीं रहा।
कपालभाति में रहे रिलैक्स, अनुलोम-विलोम पहले छोड़ा
योगाभ्यास के दौरान अफसरों के लिए सबसे आराम का क्षण कपालभाति के दौरान ही आया। इसे अधिकतर अधिकारियों ने बिना किसी बाधा के पूरा किया। इसके अलावा श्वासन और मक्रासन भी आरामदायक रहे। अनुलोम-विलोम को सही ढंग से करने में भी कुछ अधिकारियों को असुविधा महसूस हुई। एसडीएम संत लाल पचार और सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने तय समय से पहले ही इस आसन को छोड़ दिया।
शीतली प्राणायाम : ठोडी को नहीं ला सके गर्दन तक
योगाभ्यास के अंतिम चरण में करवाए गए शीतली प्राणायम में भी अधिकतर अधिकारी फिसड्डी साबित हुए। इस आसन में योग साधक को जीभ निकालते हुए सांस-लेते निकालते समय अपनी ठोडी को गर्दन से मिलाना होता है, लेकिन इसमें अधिकतर अफसरों को पसीने आ गए।
नन्हे योग साधकों ने दिखाया अफसरों को आइना
योग अभ्यास के अंतिम चरण में पतंजलि की ओर से नन्हे योग साधकों ने अपनी योग विद्या का करतब दिखाया। किसी ने अपने पेट को समुद्र की लहर की तरह गतिशील कर दिया तो किसी ने सर्वांगासन और शीर्षासन कर हैरत में डाल दिया। नन्हे साधकों ने योग में परेशानी का अनुभव कर रहे अधिकारियों को जरूर आइना दिखाने का काम किया।