फतेहाबाद। सोशल मीडिया पर दिखने वाले लाइफ स्टाइल से आकर्षित होकर घर छोड़ने वाली महिलाओं व नाबालिग लड़कियों की संख्या बढ़ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के सखी वन स्टॉप सेंटर के अनुसार 2019 से लेकर अब तक 1,845 मामले आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों में इंस्टाग्राम से दोस्ती शुरू हुई है।
सखी वन स्टॉप सेंटर से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि 6 साल में जिले की 578 नाबालिग लड़कियां इंस्टाग्राम पर दोस्ती करने के बाद अपने घर से निकलीं। सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले झूठे रहन-सहन और रील लाइफ को ही असल जिंदगी मानकर ये लड़कियां गुमराह हो रही हैं। इसमें एक मामला तो ऐसा था कि जिले के एक गांव से नीट में ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल करने वाली छात्रा ने इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद ट्रक ड्राइवर से प्रेम विवाह कर लिया था।
ये मामले में चुके हैं सेंटर में
केंद्र में आए कुल 1845 मामलों में घरेलू हिंसा के 645, नाबालिग लड़कियों का पलायन के 578, गुमशुदगी के 38, साइबर क्राइम के 10 हैं। इसके अलावा महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों की सही जानकारी लेने के लिए भी वन स्टॉप सेंटर पहुंच रही हैं। यह महिलाओं के लिए सकारात्मक पहलू भी है।
बढ़ते मुकदमों में समझौतों का सच
वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर रेनू ने बताया कि एक तरफ जहां सोशल मीडिया के कारण वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कुछ मामलों में विवाहित महिलाएं अपने पतियों पर घरेलू हिंसा और दहेज के झूठे मुकदमे भी दर्ज करा रही हैं। हालांकि सखी वन स्टॉप सेंटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। केंद्र में आने वाले घरेलू हिंसा के लगभग सभी मामलों का आपसी काउंसिलिंग और समझाइश के जरिये निपटान कर दिया जाता है जिससे कई घर टूटने से बचे हैं।
:: सोशल मीडिया के दौर में बच्चों, खासकर नाबालिग लड़कियों पर निगरानी रखना बेहद जरूरी हो गया है। माता-पिता को अपने बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना होगा ताकि वे फ्रॉड लोगों के जाल में फंसकर अपना भविष्य बर्बाद न करें।
- रेनू बाला, वन स्टॉप केंद्र संचालिका, फतेहाबाद।