शहर के इंद्रपुरा मोहल्ला में बर्फ फैक्टरी वाली में सीवरेज डालने के बाद तोड़ी गई सड़क को दोबारा बनाने की मांग को लेकर महिलाओं समेत अन्य लोग नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे। इन लोगों ने नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक से सड़क बनाने की मांग की। कार्यकारी अभियंता ने कहा कि नप सड़क बनाने को तैयार है लेकिन जो सीवरेज के चेंबर बने हैं वह गलत है। इन्हें पहले ठीक करवाया जाएगा और कमेटी इसको लेकर फाइनल प्रपोजल भी बना रही है लेकिन इससे पहले आने-जाने के रास्ते को नप एक सप्ताह के अंदर मिट्टी डलवाकर ठीक करवा देगी। सीवरेज चेंबर को लेकर महिलाओं का दर्द भी झलक गया और गुस्से में बोली कि जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कारण खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
शिकायत देने आए कमल गोस्वामी, शालू गर्ग, हेमंत कुमार, कमलेश रानी, चंद्रकांता और सुनीता आदि ने कहा कि जब बर्फ फैक्टरी वाली गली में सीवरेज पाइप लाइन डाली जा रही थी तो गली के लोगों ने चेंबर और पाइप लाइन को लेकर एतराज जताया था उन्हें जन स्वास्थ्य विभाग के जेई द्वारा धमकी देकर चुप करवा दिया जाता था। जेई द्वारा कहा जाता था कि चेंबर नीचे होंगे तो पानी वापस आ जाएगा। सरकार को जन स्वास्थ्य विभाग के जेई गिरीश को सस्पेंड करना चाहिए क्योंकि उसी की वजह से सरकारी रुपये बर्बाद हुए हैं। इसके अलावा प्रत्येक घर का कनेक्शन लेने के लिए 10 से 15 हजार रुपये खर्च हुआ है।
नगर परिषद मिट्टी डलवाकर ठीक करेगा रास्ता
शिकायत लेकर आए गली के लोगों को कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर गली में मिट्टी डलवा दी जाएगी और आने जाने का रास्ता ठीक कर दिया जाएगा। इसके अलावा भविष्य में कोई दिक्कत न हो इसको लेकर कमेटी बनाई गई है। कमेटी तय कर रही है कि पानी का बहाव कहां करना है और निकासी कैसे होनी है। कमेटी की फाइनल रिपोर्ट के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद गली के लोग कार्यकारी अभियंता के आश्वासन से सहमत हो गए।
विधायक भी कर चुके है गली का दौरा
मानसून शुरू होने होने से पहले विधायक दुड़ाराम ने जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद अधिकारियों के साथ गली का निरीक्षण किया था। इस दौरान अधिकारियों को जल्द समाधान के आदेश दिए थे लेकिन इसके बाद समाधान नहीं किया बल्कि हालात बिगड़ते गए। धर्मशाला रोड से लेकर बर्फ फैक्ट्री वाली गली तक दो-दो दिन तक जलभराव रहा।
जब चेंबर बन रहे थे तो मिस्त्री को बोला था कि चेंबर एक फुट नीचे ही रखे जाए। लेकिन इस दौरान लोगों व पार्षद प्रतिनिधि ने कहा था कि चेंबर ऊंचे ही होने चाहिए, सड़क का लेवल ऊपर उठाया जाएगा। अब मेरे ऊपर ही आरोप लगाए जा रहे हैं जो कि गलत हैं। - गिरीश कुमार, जेई जन स्वास्थ्य विभाग।