अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शनिवार को पंचकूला में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में गांव काजलहेड़ी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमरपति को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंचकूला में सम्मानित करेंगे। इस कार्यक्रम में शहर की चार छात्राओं लक्ष्मी, मुस्कान, राधिका और लक्ष्मी को भी सम्मानित किया जाएगा। इन छात्राओं ने दिसंबर 2023 में कुरुक्षेत्र में आयोजित जेआरसी के अंतरराज्यीय शिविर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर ओवरऑल ट्रॉफी जीती थी।
इस दल का नेतृत्व जेआरसी के जिला संयोजक कृष्ण कुक्कड़ और शिक्षिका अंजू रानी ने किया था। इनमें से एक छात्रा के पिता मजदूर हैं तो दूसरी के पिता की मौत हो चुकी है। दोनों छात्राएं सरकारी स्कूल में पढ़तीं हैं। लक्ष्मी पुत्री राजन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11वीं की छात्रा है। लक्ष्मी के पिता एक दुकान पर नौकरी करते हैं। वहीं, नगर परिषद में कर्मचारी अमित की बेटी राधिका नौवीं कक्षा में पढ़ती हैं। राधिका ने बताया कि उनकी इस उपलब्धि में स्कूल के शिक्षकों का बड़ा योगदान रहा है।
वीडियो बनाकर दूसरों को भी प्रोत्साहित कर रहीं अमरपति
गांव काजलहेड़ी निवासी अमरपति को श्रेष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चुना गया है। अमरपति आंगनबाड़ी प्ले स्कूल में खेल-खेल में बच्चों को पढ़ातीं हैं। उन्हाेंने यूट्यूब पर अपना चैनल बनाया है,. जिसके जरिये वह वीडियो बनाकर दूसरी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित कर रहीं हैं। उन्होंने विभाग से संबंधित सौ फीसदी काम पूरा किया है। अमरपति ने एमए मनोविज्ञान और हिंदी के साथ हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) भी उत्तीर्ण की है।
मजदूर पिता की बेटी सीख रहीं नृत्य
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा लक्ष्मी पुत्री बहादुर सिंह को भी सीएम सम्मानित करेंगे। लक्ष्मी ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। वह 11वीं कक्षा में पढ़तीं हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के कारण वह प्रदेशस्तर पर भी कई कार्यक्रमों में भाग ले चुकी हैं। एकल नृत्य और समूह नृत्य की कई स्पर्धाओं में उन्होंने प्रमाणपत्र पाए हैं।
हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी मुस्कान भी होंगी सम्मानित
शहर के हरनाम सिंह कॉलोनी निवासी मुस्कान को भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। मुस्कान ने बताया कि वह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा हैं। वह प्रदेशस्तर की कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग ले चुकी हैं, जबकि उनके पिता गोपाल कृष्ण की मौत हो चुकी है। उनकी मां सीमारानी मजदूरी करके परिवार को पाल रहीं हैं।