फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला मजदूरों को मंडी में घुसने से रोका, बवाल में तीन घायल

विज्ञापन
विज्ञापन
रतिया। महिला मजदूरों को रतिया अनाज मंडी में घुसने से रोकने को लेकर वीरवार दोपहर को बवाल हो गया। यहां महिलाओं को मंडी में घुसने से रोकने वाले पल्लेदारों के पक्ष में आईं कुछ महिलाओं ने दूसरे पक्ष की महिलाओं की पिटाई कर दी। इस पूरे विवाद में तीन महिला मजदूरों को चोट लगी है।
विज्ञापन

घटना की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया। घायल महिला मजदूरों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में मौजूद घायल महिलाओं के पक्ष की दूसरी महिलाओं ने हमलावर महिलाओं और मंडी में घुसने से रोकने वाले पल्लेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर रोड जाम की चेतावनी दे दी है। बवाल के दौरान झाडू़ से पिटाई करने वाली महिलाओं का वीडियो भी सामने आया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
अस्पताल में भर्ती घायल महिला मजदूरों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से मंडी में प्रवेश करने को लेकर उनका मंडी के पल्लेदारों से विवाद चल रहा है। कुछ दिनों पहले इस विवाद को निपटाने के लिए पल्लेदारों के प्रधान व मंडी के दूसरे मौजिज लोगों की मौजूदगी में समझौता हुआ था। समझौते के तहत 21 दिसंबर तक महिला मजदूरों को मंडी में झार खरीदने या अन्य काम के लिए आने से रोका गया था, लेकिन वीरवार को जब वे मंडी में जाने लगीं तो घुसने नहीं दिया गया। घायल महिलाओं ने आरोप लगाया कि पल्लेदारों के प्रधान व अन्य लोगों ने अपने पक्ष की महिलाओं से हमारे ऊपर हमला करवा दिया। मौके पर पहुंचे रतिया थाना के जांच अधिकारी टेकचंद ने कहा कि रतिया मंडी में एंट्री को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा और कुछ समय पहले विवाद को निपटाने के लिए 21 तारीख तक मंडी में महिला मजदूरों की एंट्री पर रोक लगाई गई थी। वीरवार को 23 दिसंबर होने के चलते कुछ महिला मजदूर मंडी पहुंची तो दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। झगड़े में 3 महिलाओं को चोटें लगी हैं। घायल महिलाओं के बयान दर्ज करके मामले में केस दर्ज किया जाएगा और आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

इसलिए लिया गया था मंडी में प्रवेश पर रोक का फैसला
रतिया अनाज मंडी में कुछ समय पूर्व किसानों के धान की चोरी की घटनाएं बढ़ने लगी थीं। इस कारण अनाज मंडी मजदूर यूनियन के सदस्यों ने उस समय आरोप लगाया था कि मंडी में धान खरीद करने वाली महिलाएं ही रात को धान की चोरी करके ले जाती हैं। इसलिए किसानों के साथ-साथ मजदूरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मजदूर यूनियन के सदस्यों ने महिलाओं के अनाज मंडी में प्रवेश को लेकर कुछ दिन पहले हड़ताल कर दी थी और इसके बाद हुई एक बैठक में फैसला लेकर महिलाओं का मंडी में 21 दिसंबर तक महिलाओं के प्रवेश पर रोक का निर्णय लिया गया था।
मजदूर यूनियन के उप्रधान बोले-
मजदूर यूनियन के उप प्रधान जोनी सिंह ने बताया कि हमारे परिवार के महिला सदस्य भी अनाज मंडी में काम करने के लिए आईं थी। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने काम करने से हमारी महिलाओं को रोक दिया था और उनके साथ दुर्व्यवहार की किया था। इस दौरान झगड़ा किया गया और इसके बाद मामला बढ़ गया।
पिटाई के विरोध में लेंगे बड़ा फैसला : गुरदी सिंह
वीरवार को झगड़े के दौरान घायल हुईं दूसरे पक्ष की महिलाओं की ओर से गुरदीप सिंह ने कहा कि उनके हमारे पक्ष की महिलाओं के साथ पिटाई करके गलत किया गया है। घायल महिलाओं का फिलहाल इलाज करवाया जा रहा है। जल्द ही हम इस पिटाई के विरोध में बैठक करके बड़ा फैसला लेंगे।
कोट
मंडी में घुसने को लेकर हुए विवाद की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों की महिलाओं व लोगों को अलग करके झगड़ा शांत करवाया। स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया है। कानून हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है। झगड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

रूपेश चौधरी, एसएचओ, रतिया शहर थाना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें