फतेहाबाद। प्रदेश में परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) को लेकर नियमों में बदलाव किया है। अब शादी के बाद पत्नी का नाम ससुराल की फैमिली आईडी में जोड़ने के लिए विवाह पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना उसके केवल आधार कार्ड या रिहायशी प्रमाणपत्र के आधार पर पत्नी का नाम पति की फैमिली आईडी में दर्ज नहीं किया जा सकेगा।
सरकार के नए निर्देशों के बाद परिवार पहचान पत्र में दर्ज होने वाले सदस्यों के रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक और व्यवस्थित बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक शादी के बाद कई मामलों में महिला का नाम आधार कार्ड, रिहायशी प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेजों के आधार पर ससुराल की फैमिली आईडी से जोड़ा जाता था। इसके लिए विवाह पंजीकरण का प्रमाण अनिवार्य नहीं था।
नई व्यवस्था में इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। संबंधित परिवार को पहले विवाह का पंजीकरण कराना होगा और इसके बाद ही परिवार पहचान पत्र में वैवाहिक स्थिति तथा परिवार के नए सदस्य से संबंधित जानकारी अपडेट कराई जा सकेगी।
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सभी सरकारी योजनाओं के लिए फैमिली आईडी जरूरी
परिवार पहचान पत्र अब प्रदेश में सरकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। ऐसे में इसमें दर्ज जानकारी को सही और अद्यतन रखना जरूरी माना जा रहा है। सरकार की ओर से परिवारों को निर्देश दिए गए हैं कि शादी, जन्म, मृत्यु, तलाक या परिवार के किसी सदस्य के अलग होने जैसी स्थिति में संबंधित रिकॉर्ड को समय पर अपडेट कराया जाए। वहीं, दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पीपीपी होना अनिवार्य माना गया है।
वैवाहिक स्थिति के लिए विवाह पंजीकरण जरूरी
क्रीड विभाग के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य परिवार पहचान पत्र में दर्ज पारिवारिक संबंधों की पुष्टि को अधिक मजबूत करना है। विवाह के बाद महिला के दस्तावेजों में वैवाहिक स्थिति और परिवार से संबंधित जानकारी में बदलाव होता है। ऐसे में विवाह पंजीकरण को आधार बनाकर फैमिली आईडी में रिकॉर्ड अपडेट करने से सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
:: शादी के बाद केवल आधार या पता बदलवाना पर्याप्त नहीं होगा। परिवार पहचान पत्र समेत संबंधित सरकारी रिकॉर्ड में वैवाहिक स्थिति और परिवार के सदस्यों की जानकारी भी समय पर अपडेट करानी होगी। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और दस्तावेजों से जुड़े कार्यों में रिकॉर्ड संबंधी दिक्कतों को कम किया जा सकेगा।
- संदीप कुमार, प्रोग्रामर, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।