कलश यात्रा के दौरान नमन करते एमयूएच जैन स्कूल से एनके जैन एवं प्रिंसिपल पूनम चावला।
अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से गायत्री ज्योति कलश रथ यात्रा निकाली जा रही है। शांतिकुंज हरिद्वार से चली इस यात्रा का स्वागत एमयूएच जैन ग्लोबल स्कूल में किया गया।
गायत्री परिवार के सदस्यों ने बच्चों को गायत्री मंत्र के उच्चारण के लाभ बताए। सभी बच्चों और स्टाफ ने उनके साथ मिलकर गायत्री मंत्र का उच्चारण किया। चेयरमैन अजय जैन ने सभी बच्चों को गायत्री मंत्र का अर्थ बताया। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र का अर्थ है - हे दिव्य मां, आपका शुद्ध प्रकाश हमारे अस्तित्व के सभी क्षेत्रों को प्रकाशमय करे। प्रिंसिपल पूनम चावला और एनके जैन ने गायत्री माता की आरती की।
प्रिंसिपल पूनम ने बताया कि हमारी संस्कृति में मंत्रों के जाप का विशेष महत्व है। इनमें से गायत्री मंत्र सबसे लोकप्रिय है। इस मंत्र का जाप मन को शांति प्रदान करता है। इसका मंत्रोच्चारण करने वाले व्यक्ति के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
स्कूल के सचिव एनके जैन ने बताया कि गायत्री मंत्र करीब 3,500 साल पहले लिखा गया था। कथाओं के अनुसार इसे ऋषि विश्वामित्र ने लिखा था। गायत्री मंत्र में कुल 24 अक्षर होते हैं जो आठ अक्षरों के भीतर व्यवस्थित होते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी अध्यापकों और बच्चों को प्रसाद बांटा गया।