शिक्षा विभाग ने जिले के 280 के करीब विद्यार्थियों को साइंस और गणित की निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इसमें जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ही शामिल किया जाएगा और इसके साथ ही 9वीं, दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा से 70-70 बच्चों को इस कोचिंग क्लास में कोचिंग दी जाएगी। विभाग की इस योजना से उन बच्चों के लाभान्वित होने की संभावना है जो निजी कोचिंग सेंटर की फीस नहीं भर पाते और गणित और साइंस में कमजोर भी होते हैं। ये कोचिंग कक्षाएं 27 मई से 26 जून तक लगातार एक माह तक चलेंगी।
17 को होगा विद्यार्थियों का चयन
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सभी स्कूल 16 मई तक संबंधित बीईओ कार्यालय में अपने स्कूल के विद्यार्थियों की लिस्ट भेजेंगे जो बच्चे इस कोचिंग कक्षा में शामिल होना चाहते हैं। अगर बच्चे तय संख्या से अधिक होते हैं तो उसमें से 280 बच्चे चयनित किए जाएंगे और 27 मई से उन्हीं 280 बच्चों को ही कोचिंग दी जानी शुरू की जाएगी। हालांकि अभी तक इस कोचिंग कक्षा के लिए जगह का फाइनल नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि विभाग इस कोचिंग सेंटर के लिए रतिया या फतेहाबाद का कोई स्कूल फिक्स कर सकता है।
निजी कोचिंग सेंटर की तरह मिलेगी साइंस और गणित की शिक्षा
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस एक माह की कोचिंग क्लास में सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को बिल्कुल उसी तरह से कोचिंग दी जाएगी, जिस तरह से निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट में दी जाती है। इसके अलावा इस कक्षा में विद्यार्थियों को गणित के फार्मूले भी बताए जाएंगे ताकि वो इस कक्षा के बाद भी अपना गणित और बेहतर कर सकें। विभाग की मंशा इस कोचिंग सेंटर से अधिकाधिक बच्चों को गणित और साइंस की शिक्षा मुहैया कराने की है, क्योंकि इन दोनों ही विषयों की निजी कोचिंग बहुत महंगी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी पहले से ही आर्थिक तंगी के कारण ही सरकारी स्कूलों में आते हैं। ऐसे में उनके लिए निजी कोचिंग सेंटर ज्वाइन करना आसान नहीं रहता, लेकिन उनकी रुचि होती है। ऐसे बच्चों के लिए शिक्षा विभाग की ये पहल खासी रास आएगी।
विभाग की ओर से आदेश आएं हैं कि बच्चों के लिए गणित और साइंस की स्पेशल कोचिंग शुरू कराई जाए। फिलहाल ये कोचिंग 27 मई से 26 जून तक शुरु करने की योजना है। जल्द ही इस पर काम शुरु कर दिया जाएगा।’
- दयानंद सिहाग, डिप्टी डीईओ, फतेहाबाद