जाखल में घग्गर का निरीक्षण करते राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला। स्रोत : प्रशासन
जाखल। क्षेत्र से निकल रही घग्गर में बढ़ रहे जलस्तर ने किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को नदी का जलस्तर गुहला चीका में 47 हजार क्यूसिक से पार पहुंच गया। चांदपुरा साइफन हेड पर नदी का जलस्तर 14 हजार 300 क्यूसेक तक पहुंच गया। हालांकि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। घग्गर की क्षमता 22000 क्यूसेक है।
बढ़ते जलस्तर को लेकर किसान कमजोर तटबंध को मजबूत करने में जुटे हुए है तो साथ ही नदी के किनारों पर पहरा दे रहे हैं। नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन की टीम भी फील्ड में चौकसी बरत रही है। वहीं पंजाब के किसान भी पहरा दे रहे है।
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बराला ने अधिकारियों को दिए निर्देश
नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर बुधवार को राजसभा सदस्य सुभाष बराला ने जाखल क्षेत्र के घग्गर व आसपास के गांवों का दौरा कर बारिश से बने जलभराव और घग्गर नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया और किसानों की मांग को सुनते हुए तुरंत अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का पूरा अमला दिन-रात सक्रिय है और नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आपदा जैसी स्थिति से निपटने में प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और स्वयंसेवक भी सहयोग कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों को सक्रिय किया गया है और वो अपने क्षेत्र में जलभराव से बचाव के उपायों पर काम कर रहे है।
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गांवों में लगेगा ठीकरी पहरा
घग्गर नदी में अत्यधिक जलस्तर बढऩे के कारण सुरक्षा की दृष्टिगत जिलाधीश मनदीप कौर ने दि पंजाब विलेेज एंड स्माल टाऊन पेट्रोल एक्ट, 1918 की धारा 3(1) के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला में रात्रि के समय ठीकरी पहरा लगाने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश मानसून सत्र तक प्रभावी रहेंगे। जारी आदेशों में जिलाधीश ने जिला फतेहाबाद के सभी सरपंचों को निर्देश दिए हैैं कि वे अपने-अपने गांव में 5 स्वस्थ नौजवानों की ड्यूटी लगाए जो कि घग्गर नदी में बढ़ रहे जलस्तर व बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए रात्रि के समय ठीकरी पहरा देंगे। इस कार्य को करवाने की जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार, थानाध्यक्ष तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व ग्राम पंचायत की होगी।
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