जाखल घग्घर नदी में बहता पानी। संवाद
जाखल। हिमाचल व पंजाब से हरियाणा में बहने वाली घग्घर नदी में इस मानसून सीजन में जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से नदी के मापे गए जलस्तर में गुहला चीका हेड पर अचानक से पानी में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि चांदपुरा साइफन पर पानी फिलहाल बेहद कम बह रहा है।
वीरवार शाम तक नदी के गुहला चीका हेड पर करीब 600 क्यूसेक पानी ही दर्ज किया गया था जो शुक्रवार शाम को अचानक से बढ़कर 6100 क्यूसेक से पार हो गया है। इससे खनौरी हेड के पानी में भी 24 घंटों में 350 क्यूसेक बढ़त हुईं है। अभी पानी का ये आंकड़ा नदी की जल क्षमता से कई गुना नीचे है। इसी बीच जाखल क्षेत्र से गुजरती घग्घर नदी के चांदपुरा साइफन के जलस्तर पर निगाह डालें तो प्रशासन द्वारा शुक्रवार शाम को यहां 600 क्यूसेक पानी मापा गया है।
24 घंटे पहले यहां 800 क्यूसेक पानी बह रहा था। चांदपुरा साइफन पर अभी पानी का ये आंकड़ा नदी की क्षमता से कई गुना कम है, हालांकि पीछे से पहाड़ी क्षेत्र व नदी के तट क्षेत्रों पर बरसातों के मद्देनजर आने वाले दिनों में यहां पानी बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है लेकिन शुक्रवार को भी यहां जलस्तर में गिरावट ही दर्ज की गईं है।
पिछले दिनों गुहला चीका हेड पर जलस्तर 25 हज़ार तक पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद पीछे से बारिश रूकने के बाद जलस्तर काफ़ी नीचे आ गया। प्रशासनिक अधिकारियों मुताबिक गुहला चीका में पानी 60 हज़ार क्यूसेक तक पहुंचने पर जाखल क्षेत्र में खतरा मंडराने लगता है क्योंकि पीछे पानी बढ़ने के कारण वहां से पानी जाखल क्षेत्र से गुजरती घग्घर नदी में आता है। फिलहाल नदी में पीछे बांधों पर भी पानी बेहद कम मापा गया है। ऐसे में अभी स्थिति पूरी तरह से खतरे से बाहर है।
बाढ़ राहत प्रबंधन कार्य व्यवस्थित करने की मांग
फिलहाल नदी में जाखल से पीछे बांधों पर भी पानी नदी की क्षमता से काफी कम है, लेकिन शुक्रवार को गुहला चीका में अचानक से पानी से चढ़ाव होने पर मानसूनी सीजन में आगे भी तेज़ बरसाते होने की संभावना से नदी के आसपास के किसान और गांवों के लोग घबरा रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्र से गुजरती नदी के आसपास के किसानों ने प्रशासन से बाढ़ राहत प्रबंधन कार्य व्यवस्थित करने की मांग की है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चांदपुरा साइफन पर पानी बहुत कम बह रहा है। फिर भी आने वाले दिनों में पानी अधिक आने पर बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने को लेकर प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।